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वाराणसी, [रवि पांडेय]। बीएचयू परिसर स्थित सर सुंदर लाल चिकित्सालय में पूर्वांचल ही नहीं, बल्कि बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश से गरीब और लाचार लोग थक हारकर इलाज के लिए पहुंचते हैं। इन लोगों को यहां के दवा के काले बाजार का अमूमन पता नहीं होता। मजबूरी में ये दलालों के चंगुल में फंस जाते हैं और उसके बाद शुरू होता है इनके शोषण का खेल। लंका पुलिस ने दलालों के गैंग का खुलासा किया तो बड़े -बड़े लोगों की पैरवी शुरू हो गई लेकिन पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए सात लोगों को जेल भेज दिया। बीएचयू में इलाज कराने आये मरीजों और परिजनों को दवा में छूट के नाम दलाल मेडिकल पर ले जाते हैं, जहां दवा तो मिल जाती है लेकिन उसमें ज्यादातर दवा ऐसी होती है जो किसी काम की नही होती और उनका दाम भी ब्रांडेड से ज्यादा होता है। बड़े डॉक्टरों को दिखाने के नाम पर भी दलाल खेल करते हैं। किसी को भी दिखाकर मरीजों के साथ धोखा करते हैं।

जब कोर्ट में दारोगा को करनी पड़ी वकालत

लंका पुलिस ने बुधवार को जब दवा दलाली के सात आरोपितों को कोर्ट में पेश किया तो उनकी ओर से करीब 35 से 40 वकील उनका पक्ष रखते हुए धारा 386 पर बहस करने लगे कि यह धारा नही लग सकती। जिस पर सरकारी वकील ठीक से पक्ष नही रख पाया तो चितईपुर चौकी के प्रभारी दारोगा प्रकाश सिंह ने दलालों के खिलाफ करतूतों की वकालत जज के सामने खुद की। कहा कि किसी को दवा के नाम पर बैठाकर पैसे मांगने और जान का वास्ता देना किस जुर्म में आता है, इस पर जज ने कार्रवाई का भरोसा दिया।

लगातार चलेगी पुलिस कार्रवाई

दलालों द्वारा लगातार शोषण की शिकायत के बाद जब मामले का खुलासा हुआ तो लंका पुलिस एक्शन में आ गई। इंस्पेक्टर लंका भारत भूषण तिवारी ने कहा कि इस मामले में आरोपितों से पूछताछ के दौरान करीब 70 दुकानदारों की लिस्ट बनी है जो दलालों के माध्यम से मरीजों को लूट रहे हैं। उनको फर्जी दवा तक देते हैं। पुलिस अब लगातरर कार्रवाई करेगी। आज तक ऐसी कार्रवाई लंका पुलिस ने नही की थी। अगर दलालों पर अंकुश लगा तो गरीब और लाचार लोगों को काफी राहत मिलेगी।

बंधक बनाकर मरीज से रुपये मांगने वाले गए जेल

 बीएचयू में इलाज कराने आए प्रवीण कुमार सिंह निवासी खुलासपुर थाना लोहता ने लंका पुलिस को सूचना दी कि बीएचयू में डा. राजेश के पास सांस की समस्या का समाधान पाने अपने दोस्त महेश तिवारी कुशहां मीरजापुर के साथ गया था। बाहर आए तो तीन लोग दवा दिलाने के नाम पर मल्टीस्पेशलिटी के निर्माणाधीन भवन की तरफ ले गए गए। जहां उसे एक कमरे में ले जाकर दवा की पर्ची ली व पैसे मांगने लगे कि दवा हम लाकर दे देंगे। मना करने पर धमकाने लगे। उन लोगों ने मोबाइल भी छीन लिया और कहा कि आठ हजार नहीं मंगाने पर मारे जाओगे। इसके बाद बाहर से उनका एक सहयोगी आकर बोला कि सभी को मालूम चल गया है, जल्दी से इन्हें छोड़ो। इसी बीच मौका पाकर किसी तरह हम लोग वहां से भागे। लंका थाने जाकर हमने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इंस्पेक्टर लंका ने बताया कि प्रवीण सिंह की तहरीर पर सुरेंद्र मिश्र, धनेश्वर सिंह, बृजेश पटेल, संतोष सिंह, आशीष कुमार सिंह, देवाशीष ,घनश्याम सिंह के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।

 

Posted By: Vandana Singh

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