वाराणसी में सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने दिया धरना, कहा - 'आठवें वेतन आयोग के टर्म्स आफ रेफरेंस में पुराने पेंशनरों को अलग करना गलत'
वाराणसी में सेवानिवृत्त कर्मचारियों और पेंशनरों ने 12 सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रव्यापी धरना दिया, जिसमें आठवें वेतन आयोग से ...और पढ़ें

वाराणसी में पेंशनरों का धरना: आठवें वेतन आयोग से बाहर रखने पर जताया कड़ा विरोध।
HighLights
पेंशनरों ने 12 सूत्रीय मांगों को लेकर वाराणसी में धरना दिया।
आठवें वेतन आयोग से पुराने पेंशनरों को बाहर रखने का विरोध किया।
वैलिडेशन एक्ट वापस लेने और महंगाई राहत जारी करने की मांग।
जागरण संवादाता, वाराणसी। सेवा निवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर एसोसिएशन तथा अखिल भारतीय राज्य कर्मचारी पेंशनर फेडरेशन के संयुक्त आह्वान पर मंगलवार को शास्त्री घाट, वरुणा पुल कचहरी पर पेंशनरों ने 12 सूत्रीय मांगों को लेकर राष्ट्रव्यापी धरना दिया। इस दौरान प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग की गई।
धरने में वक्ताओं ने कहा कि सरकार पेंशनरों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है। आरोप लगाया गया कि पेंशनरों में विभेद पैदा कर उन्हें उनके स्थापित अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। 25 मार्च 2025 को वैलिडेशन एक्ट के माध्यम से सिविल पेंशन नियमों में संशोधन किए जाने पर भी नाराजगी जताई गई।
वक्ताओं ने कहा कि आठवें वेतन आयोग के टर्म्स आफ रेफरेंस में पुराने पेंशनरों को अलग करने से एक जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त पेंशनरों को वेतन आयोग के दायरे से बाहर किए जाने की स्थिति बन गई है।
पेंशनरों ने मांग की कि वैलिडेशन एक्ट वापस लेकर पुराने पेंशनरों को भी आठवें वेतन आयोग के दायरे में शामिल किया जाए। महंगाई राहत के लिए भारत सरकार के वर्ष 2008 के गजट के अनुसार अलग प्राइस इंडेक्स बनाने की मांग भी उठाई गई।
वक्ताओं ने कहा कि पेंशन की राशि का कम्यूटेशन कर एकमुश्त धनराशि लेने वाले पेंशनरों से 15 वर्ष तक कटौती की जाती है, जबकि इसकी भरपाई 10 वर्ष में हो जाती है। ऐसे में राशिकरण कटौती 10 वर्ष में बंद करने का शासनादेश जारी किया जाए।
पेंशनरों ने 80 वर्ष की उम्र पर 20 प्रतिशत और 100 वर्ष की उम्र पर पेंशन में दोगुनी वृद्धि के मौजूदा प्रावधान को भी बदलने की मांग की। इसके स्थान पर सेवानिवृत्ति के बाद प्रत्येक पांच वर्ष में पांच प्रतिशत पेंशन वृद्धि देने की मांग की, ताकि बुजुर्ग पेंशनरों को जीवनकाल में इसका लाभ मिल सके।
वक्ताओं ने कोविड काल के 18 माह की रोकी गई महंगाई राहत जारी करने की भी मांग की। कहा कि इससे कम आय वाले पेंशनरों की क्रय शक्ति बढ़ेगी और बाजार में आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। बुजुर्गों की समस्याओं के समाधान के लिए अलग वरिष्ठ नागरिक पेंशनर आयोग गठित करने की मांग भी की गई।
धरने में पेंशनरों ने 12 सूत्रीय मांगों को पूरा कराने के लिए आगे भी आंदोलन जारी रखने का संकल्प लिया। धरने को श्यामधनी, उमाकांत पांडेय, डा. निरंजन श्रीवास्तव, मदन मोहन, डा. श्रीकांत पांडेय, राजेश पांडेय, सीताराम, राकेश दीक्षित, गोपाल यादव, राजेंद्र, इंजीनियर राधेश्याम पटेल, इंजीनियर सोमारू पांडेय, छोटेलाल, अशोक सिंह, महिमादत्त द्विवेदी, सहदेव तिवारी, डा. राम अवतार यादव और प्रमोद कुमार श्रीवास्तव ने संबोधित किया। अध्यक्षता वीरेंद्र सिंह तथा संचालन अशोक सिंह ने किया। धरने में विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पेंशनर मौजूद रहे।
