जागरण संवाददाता, आजमगढ़। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग में हुआ वहीं जिसकी आशंका थी। कई दिनों के आंदोलन के बाद एंबुलेेंस कर्मचारियों ने रविवार की आधी रात से चक्का जाम कर दिया। सिर्फ आठ एंबुलेंस आपात सेवा के लिए छोड़ शेष को हाईवे के निकट खड़ी कर प्रदर्शन कर रहे हैं। कई दिनों से चल रहे आंदोलन की सुधि न लिए जाने के बाद मामला इस स्थिति तक पहुंचा है। सौ एंबुलेंस के पहिए जाम होने से मरीजों के साथ उनके तीमारदारों की जान भी सांसत में पड़ गई है।

जिले में आंदोलन जीवनदायनी स्वास्थ्य विभाग एंबुलेंस कर्मचारी संघ लखनऊ के आह्वान पर चल रहा है। रविवार को जिलाध्यक्ष राजीव शर्मा के नेतृत्व में एंबुलेंस कर्मियों ने जिला अस्पताल परिसर में धरना-प्रदर्शन भी किया था। कर्मचारियों का कहना है कि एडवांस लाइफ सपोर्ट (एएलएस) के सभी कार्यरत एंबुलेंस कर्मचारियों को कंपनी बदलने पर हटाना अन्याय है। पुराने व अनुभवी कर्मचारियों को हटाने से जनता की जान जोखिम में पड़ जाए्गी। जब सरकारी कर्मचारी की ट्रेनिंग सरकार के धन से होती है तो कंपनी को बीच से हटाकर कर्मचारियों को हरियाणा की भांति नेशनल हेल्थ मिशन के अधीन कर एंबुलेंस का संचालन स्वास्थ्य विभाग को करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान अग्रणी भूमिका निभाने वाले कोरोना वारियर्स एंबुलेंस कर्मचारियों को हटाना उनका अपमान है। यदि कर्मचारियों को ठेके पर ही रखना सरकार की मजबूरी हो तो हमें एनएचएम अधीन ठेके में रखा जाए, ताकि कंपनियों के बदलने पर नौकरी जाने का भय न रहे। जिलाध्यक्ष ने बताया कि जिले में कुल 108 एंबुलेंस की गाड़ियां जिसमें 102 एंबुलेंस 51,108 एंबुलेंस 52 और दो एंबुलेंस एडवांस लाइफ सपोर्ट की सुविधा वाले हैं। जिसमें जनहित के लिए सिर्फ 8 ब्लॉकों में 108 एंबुलेंस को चलने दिए हैं, बाकी गाड़ियां भवरनाथ से 500 मीटर आगे फैजाबाद रोड पर खड़ी हैं। उन्होंने कहा कि मांगे पूरी नहीं हुई तो आंदोलन और भी उग्र होगा। इसमें धर्मेंद्र, संदीप, राम अमिका यादव, सीताराम, अनिल, शोएब आदि रहे।

Edited By: Abhishek Sharma