सोनभद्र, जेएनएन। म्योरपुर वन रेंज के ग्रामीण अंचलों में एक सप्ताह से आतंक एवं भय का पर्याय बने छतीसगढ़ के जंगल से भटक कर आया हाथियों का झुंड मंगलवार की शाम के बाद बस्तियों के आसपास नहीं देखा गया। हाथियों के न देखे जाने से ग्रामीणों ने जरूर राहत की सांस ली है लेकिन, उनके माथे पर अभी भी दहशत की लकीर साफ दिख रही है। दूसरी तरफ हाथी को लेकर अफवाहों का जोर भी तेज हो गया है। वन विभाग की टीम हाथियों के सही लोकेशन का पता लगाने के लिए पसीना बहा रही है। 

म्योरपुर वन रेंज के गडिय़ा, खंता, हरहोरी, करकोरी, काचन, बभनडीहा आदि गांव के ग्रामीण हाथियों के उत्पात से तंग आकर घर छोडऩे को विवश हो गए थे।  कुछ ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत गडिय़ा के प्रधान के घर में पनाह लिए तो काफी संख्या में ग्रामीण प्राथमिक विद्यालय भुवरी में शरण लिए हुए थे। ग्रामीणों की मानें तो मंगलवार को दूसरे पहर हाथियों का झुंड रिहंद जलाशय के समीप धुस गेदूरी पहाड़ी पर देखा गया था। लोग इस बात को लेकर ङ्क्षचतित थे कि हाथियों को झुंड अंधेरा होने के बाद किसी न किसी बस्ती में जरूर जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बुधवार की सुबह आधा दर्जन गांव के लोग इस बात को जानने के लिए उतावले रहे कि हाथियों ने बीती रात किस बस्ती का रूख किया लेकिन पता चला कि हाथी बस्ती की तरफ देखे ही नहीं गए। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली वहीं वन विभाग के लोगों ने भी सुकून महसूस किया। हालांकि ग्रामीणों के दिलों दिमाग पर हाथियों के उत्पात का खौफ बरकरार है। उनका मानना है कि हाथियों का झुंड कब बस्ती की तरफ आ जाए कहा नहीं जा सकता है। 

हाथियों के आने की अफवाह से परेशान रहे वन कर्मी

म्योरपुर वन रेंज में स्थित बलियरी गांव निवासी मान सिंह के घर के पास मंगलवार की रात हाथियों के झुंड को देखे जाने की सूचना किसी ने वन क्षेत्रीय अधिकारी शाहजादा इस्माइलुद्दीन को मोबाइल पर दी। यह भी बताया कि हाथियों के पैरों के निशान भी मान सिंह के घर के आसपास मौजूद है। सूचना मिलते ही वन दारोगा शिव कुमार यादव कर्मियों को लेकर मौके पर पहुंचे। काफी देर तक जांच पड़ता की गई लेकिन वन कर्मियों को गांव का कोई भी व्यक्ति हाथियों के आने की जानकारी नहीं दी, जांच में हाथियों के पांव के निशान भी नहीं पाए गए। हाथियों को लेकर फैल रही अफवाहों पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग के अधिकारियों ने जंगल में वचरों की तैनाती कर दी है। अफवाहों पर अंकुश लगाने के लिए ग्रामीणों को जागरूक करने के साथ ही उन्हें हाथियों से बचाव के उपाय भी बताए जा रहे हैं।

Posted By: Abhishek Sharma

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