वाराणसी, जेएनएन। रेलवे अब कागजों का बोझ कम करने के लिए प्रयासरत है। कर्मचारियों को ई सेवाओं का प्रयोग करने के लिए दक्ष कर अब विभागों में कागजों का प्रयोग सीमित करने की तैयारी है ताकि पर्यावरण सुरक्षा में रेलवे भी अपना योगदान दे सके। इसी कड़ी में मंडल रेल प्रबंधक कार्यालय में ‘ई-ऑफिस’ कार्यविधि काे अपनाने और कर्मचारियों को दक्ष करने को लेकर एक प्रजेंटेशन मंगलवार को दिया गया। भारत सरकार की अोर से राष्‍ट्रीय ई-गवर्नेंस के तहत राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्‍द्र (एनआईसी) द्वारा कर्मचारियों की कार्यक्षमता को लेकर एक मिशन मोड प्रोजेक्ट (एमएमपी) का विकास किया गया है। इसके अंतर्गत मंगलवार को उप महाप्रबंधक, रेलटेल दीपक कुमार एवं रेलटेल टीम द्वारा ‘ई-ऑफिस’ की कार्यप्रणाली से मंडलीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अवगत कराया गया।

विदित हो कि ‘ई-ऑफिस’ के कार्यान्वयन के लिए भारतीय रेलवे और रेलटेल के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया है, जिसमें रेलटेल को पूरे भारतीय रेलवे में ई-ऑफिस अनुप्रयोग को लागू करने के लिए एक शासनादेश जारी किया गया है। ई-ऑफिस में विभिन्न अनुप्रयोगों जैसे ई फाइल, नॉलेज मैनेजमेंट सिस्‍टम, कोलैबरेशन एंड मैसेजिंग सिस्‍टम, ई लेवल सिस्‍टम, टूर मैनेजमेंट सिस्‍टम, पर्सनल इंफार्मेशन मैनेजमेंट सिस्‍टम, प्रापर्ली रिटर्न इंफोर्मेशन सिस्‍टम एवं स्‍मार्ट परफार्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट रिकॉर्डिंग ऑनलाइन विंडो को शामिल किया गया है। इस अवसर पर अपने विचार व्‍यक्‍त करते हुए मंडल रेल प्रबंधक विजय कुमार पंजियार ने कहा कि भारतीय रेलवे के डिजिटलीकरण में ई- ऑफिस एक मील का पत्थर साबित होगा। यह पारदर्शिता, जवाबदेही, डेटा सुरक्षा और सत्‍यनिष्‍ठा में वृद्धि सुनिश्चित करेगा। ई-ऑफिस प्रणाली डेटा के अभिलेखीय और पुनर्प्राप्ति के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक मूवमेंट और फाइलों की ट्रैकिंग में सक्षम बनाती है।

ई-ऑफिस के कार्यान्वयन से न केवल कामकाज में पारदर्शिता और दक्षता आएगी, बल्कि बहुत सारे कागजों को बचाकर ग्रीन वर्किंग को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्‍होंने आशा व्‍यक्‍त किया कि वाराणसी मंडल में ई-ऑफिस को सफलतापूर्वक लागू किया जाएगा और सभी उपयोगकर्ता इससे होने वाले लाभों को प्राप्त कर सकेंगे। इस अवसर पर दीपक कुमार उप महाप्रबंधक रेलटेल, अपर मंडल रेल प्रबंधक (इन्फ्रा) प्रवीण कुमार, वरिष्ठ मंडल सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर आशुतोष पाण्डेय सहित मंडलीय शाखाधिकारी एवं रेलटेल से प्रियंका छाबड़ा सीनियर मैनेजर नई दिल्ली, लोकरंजन पाण्डेय सीनियर मैनेजर इलाहाबाद, गणेश प्रसाद सीनियर मैनेजर वाराणसी एवं कर्मचारी बड़ी संख्‍या में उपस्थित थे। इसके कार्यान्‍वयन से वाराणसी मंडल में कार्यालयी कामकाज हेतु अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समूचित प्रशिक्षण दिया जायेगा। 

अब बहुरेंगे रेलवे कॉलोनी के दिन

अब रेल कर्मचारियों को आवास की समस्या का सामना नही करना पड़ेगा। रेलवे में जर्जर हो चुके कर्मचारी आवास के दिन फिर बहुरने वाले हैं। लहरतारा स्थित वसुंधरा कॉलोनी के 150 आवास का रिडेवलपमेंट किया जाएगा। इसके लिए पूर्वोत्तर रेलवे और रेलवे डेवलप निगम लिमिटेड (आरडीएनएल) के बीच करार हुआ है।

तेज आवाज से धड़कता है दिल

रेलवे कॉलोनी में आवास की दशा ऐसी है कि तेज आतिशबाजी के पटाखे या फिर बिजली के गर्जन से ही कर्मचारियों के दिल अनहोनी की आशंका से धड़कने लगते हैं। तेज आवाज होने पर क्वार्टर का छज्जा टूट कर गिरने का डर बना रहता है। वहीं दरवाजे औऱ खिड़कियां हल्के धक्के से टूटने को तैयार रहती है। आवास की मियाद कई वर्ष पहले ही पूरी हो चुकी हैं।

मेजर मेंटेनेंस के फंड से होगा काम

कर्मचारी आवास का निर्माण रेलवे की तरफ से जारी मेजर मेंटेनेंस के फंड से किया जाएगा। हालांकि बजट में केंद्र सरकार ने कर्मचारी सुविधा के लिए भी कुछ धन अवमुक्त किया है। माना जा रहा है कि आवास के रीडेवलपमेंट में फंड की कमी आड़े नहीं आएगी। जल्द ही काम शुरू हो जाएगा।

बोले अधिकारी - वसुंधरा रेलवे कॉलोनी के 150 आवास का रिडेवलपमेंट कार्य किया जाएगा। इसके लिए रेल डेवलपमेंट निगम लिमिटेड से करार हुआ है। - अशोक कुमार, पीआरओ पूर्वोत्तर रेलवे।

Posted By: Abhishek Sharma

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