अब आइसीएआर से संबद्ध होगा कृषि संकाय

-यूपी कालेज ने भेजा एसएसआर, निरीक्षण करने अगस्त में आएगी टीम

-छात्र पिछले दो साल से बनाए थे दबाव, कई बार कर चुके थे प्रदर्शन

जागरण संवाददाता, वाराणसी : कृषि संकाय को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आइसीएआर), भारत सरकार से संबद्ध कराने के लिए यूपी कालेज ने प्रक्रिया तेज कर दी है। इस क्रम में आनलाइन सेल्फ स्टडी रिपोर्ट (एसएसआर) को भेज दिया है। यही नहीं, मूल्यांकन के लिए 3.54 लाख रुपये शुल्क भी जमा कर दिया है। आइसीएआर की टीम निरीक्षण के लिए अगस्त में आने की संभावना है।

यूपी कालेज के कृषि संकाय में आइसीएआर के अनुरूप पाठ्यक्रम पहले से लागू है। वहीं, आइसीएआर से संबद्धता के लिए छात्र पिछले दो साल से कालेज प्रशासन पर दबाव बनाए थे। इसे लेकर छात्र कई बार धरना-प्रदर्शन भी कर चुके हैं। प्राचार्य डा. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि निरीक्षण के लिए आइसीएआर से बात की जा रही है। अगस्त में निरीक्षण के लिए आइसीएआर से टीम आने की संभावना है।

अब आइसीएआर संबद्धता अनिवार्य

आइसीएआर भारत सरकार का विभाग है, जो पूरे देश में कृषि पर होने वाले अनुसंधान पढ़ाई, कृषि के लिए पालिसी एवं दिशा निर्देश आदि बनाता है। आइसीएआर कृषि विश्वविद्यालयों को अनुदान भी देती है। कृषि कालेजों के लिए वर्ष 2020 से आइसीएआर से संबद्धता अनिवार्य कर दी गई है। आइसीएआर से संबद्ध न होने वाले संस्था से स्नातक के छात्रों को अब अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित होने वाली स्नातकोत्तर (पीजी) की प्रवेश परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं होगी।

अब आनर्स की मिलेगी डिग्री

आइसीएआर की गाइड लाइन के तहत अब यूपी कालेज के बीएससी-कृषि के छात्रों को आनर्स की डिग्री मिलेगी। प्राचार्य ने बताया कि इस वर्ष बीएससी-कृषि के अंतिम सेमेस्टर के छात्रों को आनर्स की डिग्री प्रदान की जाएगी।

Edited By: Jagran