वाराणसी, जागरण संवाददाता। पूर्वी उत्‍तर प्रदेश में बादलों की सक्रियता का रुख शुक्रवार से ही बना हुआ था। लेकिन, रात होते ही आर्द्रता में इजाफा हुआ और बादलों की सक्रियता और सघन होती गई। शनिवार की सुबह से ही बादलों की सक्रियता बूंदाबांदी में बदल गई और सुबह पांच बजे के बाद कई इलाकों में बूंदाबांदी ने लोगों को गर्मी और उमस से पर्याप्‍त राहत दी। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस पूरे सप्‍ताह बादलों की आवजाही का रुख बना रहेगा। इसकी वजह बंगाल की खाड़ी में बनी हुई अनुकूल परिस्थितयां हैं। जिससे बादल बूंदाबांदी करा रहे हैं, जबकि मौसम विभाग ने आगे भी बूंदाबांदी की संभावना जताई है। 

वाराणसी में बीते चौबीस घंटों में अधिकतम तापमान 34.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्‍य से एक डिग्री अधिक रहा। न्‍यूनतम तापमान 26.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्‍य रहा। आर्द्रता अधिकतम 89 फीसद और न्‍यूनतम 84 फीसद दर्ज किया गया। मौसम विभाग की ओर से जारी सैटेलाइट तस्‍वीरों में पूर्वांचल और आसपास बादलों की सक्रियता का रुख बना हुआ है। वातावरण में नमी का स्‍तर बढ़ने के बाद शनिवार की सुबह से बूंदाबांदी हो रही है। जबकि बादलों की आवाजाही का रुख शुक्रवार दोपहर बाद से ही बना हुआ है। 

मौसम विभाग के अनुसार इस पूरे सप्‍ताह बादलों की आवाजाही का रुख बना रहेगा और बूंदाबांदी के बीच बादल झमाझम बरसात भी करा सकते हैं। बंगाल की खाड़ी से उठे बादलों की पूर्वी उत्‍तर प्रदेश तक आवाजाही का दौर जारी है। वहीं दूसरी ओर गर्मियों का दौर भी अब समाप्‍त होने की ओर है। घरों में एसी और कूलर की जगह पंखों ने ले रखी है। आगे भी बूंदाबांदी और बादलों की सक्रियता का रुख बना रहा तो माह भर में पूर्वी उत्‍तर प्रदेश में गुलाबी ठंडक की दस्‍तक शुरू हो जाएगी। मौसम विभाग मान रहा है कि अब बादलों की सक्रियता का रुख आगे भी बना रहेगा। 

Edited By: Abhishek Sharma