चंदौली, जेएनएन। मानसून को लेकर पूर्व मध्य रेलवे अलर्ट मोड पर आ गया है। 12 मई से 15 अक्टूबर तक सतर्कता बरतने को तैयारी कर ली गई है। ईसीआर ने कई ऐहतिहाती कदम उठाए हैं। रेलवे ट्रैकों को जल जमाव से बचाने के लिए समुचित प्रबंध किए गए हैं। बाढ़ से निबटने के लिए चिन्हित स्टेशनों पर पत्थरों के बोल्डर, स्टोन डस्ट, सीमेंट की खाली बोरियां व बांस बल्ली रखी गई हैं। वहीं रेलवे ट्रैक के आसपास एकत्रित पानी को निकालने के लिए मोटर पंप रखा गया है। इसके अलावा बाढ़ की अद्यतन स्थिति के लिए राज्य सरकार के आपदा नियंत्रण कार्यालय और भारत मौसम विज्ञान विभाग से समन्वय स्थापित किया गया है ताकि भारी बारिश की सटीक जानकारी प्राप्त हो सके।

मानसून के दौरान होने वाली भारी बारिश के कारण खासकर उत्तर बिहार में कई

स्थानों पर रेल पटरियों पर पानी आ जाने एवं कई स्थानों पर पुलों पर बाढ़ के पानी के भारी दबाव के कारण रेल परिचालन बाधित हो जाता है। इसी के मद्देनजर यह तैयारी की गई है। अधिकारियों की देखरेख में लगातार इसकी निगरानी भी की जा रही है। रेलवे ट्रैक पर पानी जमा न हो, इसके लिए नियमित अंतराल पर क्रास ड्रेन की व्यवस्था की गई है। सभी रेल पुलों पर बारिश के पानी के पैमाने के लिए डेंजर लेबल बनाए गए हैं ताकि सुरक्षित रेल परिचालन के लिए तत्काल कदम उठाया जा सके। पूरे मानसून के दौरान, रेल पटरियों की सुरक्षा के लिए चलाए जाने वाले सामान्य पेट्रोलिंग के साथ ही मानसून पेट्रोलिंग की विशेष व्यवस्था की गई है, जो रात में भी रेलवे पुलों एवं ट्रैकों की पेट्रोलिंग करेंगे।

रेलवे ट्रैकों पर पानी एकत्रित होने से परिचालन बाधित होता है

रेलवे ट्रैकों पर पानी एकत्रित होने से परिचालन बाधित होता है। बारिश में परिचालन पर असर न पड़े, इसके लिए तैयारी कर ली गई है। हर स्थिति से निपटने के लिए रेलवे तैयार है।

राजेश कुमार, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, ईसीआर जोन