वाराणसी, जागरण संवाददाता। कोरोना की दो लहरों का सफलतापूर्वक मुकाबला कर चुकी पूर्वांचल की अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। इस बात के आधार दो वित्तीय वर्ष के शुरुआती चार महीने में वसूले गए जीएसटी के आंकड़े हैं। पूर्वांचल के 10 जिलों में इस साल के अप्रैल से अगस्त माह तक 79 फीसद वृद्धि के साथ 1270.23 करोड़ रुपये जीएसटी वसूले गए हैं। इसी अवधि में पिछले साल इन्हीं जिलों में 710.24 करोड़ जीएसटी मिला। वहीं इकलौते वाराणसी में इसी अवधि में 218.26 करोड़ रुपये सापेक्ष 455.96 करोड़ रुपये यानी 108 फीसद वृद्धि के साथ जीएसटी वसूले गए हैं।

दरअसल, कोरोना काल व्यापार जगत के लिए बड़ी संख्या में नकारात्मक वृद्धि वाला साबित हुआ। विशेष रूप से प्रदेश के कुल 56 सेक्टरों में मोबाइल उपकरण, विमानन, कोयला, उर्वरक और हथियार एवं गोला-बारूद सेक्टर ऐसे रहे, जिसमें तेजी नकारात्मक दर्ज हुई। इसके विपरीत जवाहरात व आभूषण, रेडीमेड परिधान, सभी आटोमोबाइल, कपड़े, स्क्रैप उद्योग सेक्टर में काफी तेजी रही। यही कारण है कि इन सेक्टरों में सौ फीसद से अधिक जीएसटी वसूले गए।

दरअसल, इन आंकड़ों से यह स्पष्ट हो रहा है कि कोरोना का प्रभाव और सरकारों द्वारा नियमों में ढिलाई देने से बाजार में खरीद-बिक्री काफी अच्छी रही है। तीसरी लहर का कोई खास असर न रहा तो साल के अंत तक बाजार के और गति पकड़ने की संभावना है।

पूर्वांचल में जीएसटी की वसूली (वर्ष 2021-22 अगस्त तक)

जिला -- 2021-22 -- 2020-21 (करोड़)

मऊ - 37.62 - 15.63

गाजीपुर - 53.08 - 23.43

जौनपुर - 67.33 - 30.42

बलिया - 44.15 - 19.96

मीरजापुर - 75.50 - 34.29

आजमगढ़ - 74.86 - 34.34

भदोही - 45.36 - 20.95

वाराणसी - 455.96 - 218.26

चंदौली - 56.25 - 28.89

कारपोरेट - 239.74 - 160.66

सोनभद्र - 120.37 - 123.41

कुल - 1270.23 - 710.24

बोले अधिकारी : पूरे देश की आर्थिक गतिविधियां तेज हुई हैं। इसके साथ वाराणसी में भी 30 फीसद से अधिक की तेजी आई है। कर चोरी पर लगाम लगा है। इसके कारण भी राजस्व बढ़ा है। आनलाइन निगरानी से कर चोरी पर रोक लगी है। यूपी सरकार के निर्देशन में कार्रवाई अधिक हुई, जिससे कर संग्रह ज्यादा हुआ है। - प्रदीप कुमार, एडिशनल कमिश्नर, ग्रेड एक जीएसटी।

 

Edited By: Abhishek Sharma