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ड्राइविंग लाइसेंस के ल‍िए टेस्ट की बदली व्यवस्था, मोबाइल पर पहुंचेगा पास या फेल का मैसेज

By pandey jayprakash(01) Edited By: Abhishek sharma
Published: Mon, 28 Sep 2026 12:48 PM (IST)

वाराणसी में ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट की व्यवस्था अब सख्त हो गई है, जिसमें सर्वर एनआईसी से जुड़ने के बाद परिणाम ...और पढ़ें

वाराणसी में ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट के नियम बदले, मोबाइल पर मिलेगा पास-फेल का संदेश।

वाराणसी में ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट के नियम बदले, मोबाइल पर मिलेगा पास-फेल का संदेश।

HighLights

  1. ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट का सर्वर अब एनआईसी से जुड़ा।

  2. पास या फेल का परिणाम सीधे मोबाइल पर मिलेगा।

  3. बाइक और कार टेस्ट के लिए अलग-अलग स्लॉट होंगे।

जेपी पांडेय, जागरण वाराणसी। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आइटीआइ करौंदी में होने वाले टेस्ट की व्यवस्था अब और सख्त हो गई है। ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट का सर्वर एनआइसी से जुड़ गया है। इससे टेस्ट की प्रक्रिया आनलाइन होगी। अभ्यर्थी के टेस्ट देने के बाद पास और फेल का परिणाम सीधे मोबाइल पर मैसेज के जरिए जाएगा।

नई व्यवस्था लागू होने के साथ टेस्ट में किसी तरह की मनमानी नहीं चलेगी। सीसीटीवी कैमरे से पूरी प्रक्रिया की निगरानी होगी। आइआइटी करौंदी में ड्राइविंग टेस्ट संचालन का जिम्मा मारुति कंपनी को दिया गया है। कंपनी के माध्यम से टेस्ट की पूरी प्रक्रिया संचालित होगी। सर्वर, टेस्ट प्रक्रिया और परिणाम की निगरानी की व्यवस्था रहेगी। ऐसे में अब लाइसेंस के लिए केवल आवेदन करना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि निर्धारित मानकों पर ड्राइविंग दक्षता साबित करनी होगी।

बाइक और कार दोनों श्रेणी के लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों को अब एक ही समय में दोनों टेस्ट देने की सुविधा नहीं होगी। दोनों के लिए अलग-अलग टाइम स्लाट लेना होगा। पहले बाइक का टेस्ट देना होगा। इसके बाद निर्धारित दूसरे स्लाट में कार का टेस्ट होगा। यानी एक ही चक्कर में दोनों श्रेणी की परीक्षा देने की व्यवस्था खत्म हो गई है। टेस्ट देने के बाद परिणाम के लिए भी आवेदकों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

बाइक का टेस्ट पूरा होने के करीब दो मिनट के अंदर और कार का टेस्ट देने के पांच मिनट के अंदर पास या फेल होने का मैसेज मोबाइल पर चला जाएगा। इससे परिणाम को लेकर किसी तरह की अस्पष्टता भी नहीं रहेगी। नई व्यवस्था में टेस्ट की क्षमता भी निर्धारित की गई है। एक घंटे में अधिकतम आठ कार और 11 बाइक का टेस्ट कराया जाएगा। इसके लिए टाइम स्लाट के आधार पर आवेदकों को बुलाया जाएगा। इससे टेस्ट सेंटर पर अनावश्यक भीड़ नहीं होगी।