वाराणसी, जेएनएन। साढ़े आठ घंटे से ज्यादा ड्यूटी कराये जाने से नाराज चालक ने ट्रेन चलाने से इंकार कर दिया। हो-हल्ला मचा तो वैकल्पिक व्यवस्था के जरिये ट्रेन को वाराणसी लाया जा सका। ट्रेन के दो घंटे शिवपुर स्टेशन पर खड़ी रहने से यात्रियों को फजीहत उठानी पड़ी। रेल प्रशासन ने मामले में जांच के आदेश दिये हैं।

अमृतसर से टाटा नगर जाने वाली  18104 डाउन जालियावाला बाग एक्सप्रेस गुरुवार तड़के 4.29 बजे लखनऊ से वाराणसी के लिए रवाना हुई। चालक एसके तिवारी एवं जेके पाठक  स्टेयङ्क्षरग संभाले थे। ड्यूटी आठ घंटे की रही, जबकि ट्रेन साढ़े आठ घंटे में दोपहर 1.12 बजे शिवपुर स्टेशन ही पहुंच सकी। ऐसे में नाराज चालक ने ट्रेन आगे ले जाने से इंकार कर दिया। सहायक चालक जेके पाठक उस निर्णय के खिलाफ खामोश रहे। शिवपुर में निर्धारित ठहराव न होने के बावजूद ट्रेन के बहुत देर तक खड़ी रहने से यात्री परेशान होने लगे। स्टेशन प्रशासन को चालक के जिद की भनक लगी तो नींद उड़ गई। असल में ट्रेनों का परिचालन प्रभावित होने लगा था, जिसे हासिल करने को रेलवे सारे जतन कर रही है। मान-मनौव्वल के बावजूद चालक ने स्टेयङ्क्षरग नहीं संभाली तो वैकल्पिक चालक के जरिये ट्रेन को वाराणसी लाया जा सका। स्टेशन डायरेक्टर ने आनंद मोहन ने बताया कि यात्रियों की सुविधा सर्वोपरि रही। ऐसे में चालक भेज टे्रन को कैंट स्टेशन लाया गया। मामले की जांच कराई जा रही है।  

Posted By: Saurabh Chakravarty

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