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वाराणसी में सुधरेगी पेयजल-सीवरेज व्यवस्था, लाखों लोगों को मिलेगी गंदे जलापूर्त‍ि से राहत

By Arun Kumar Mishra Edited By: Abhishek sharma
Published: Wed, 28 Oct 2026 12:16 PM (IST)

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने वाराणसी में सीवर जाम, जलभराव और पेयजल समस्याओं के समाधान के लिए सात परियोजनाओं को मंजूरी ...और पढ़ें

वाराणसी में 2678 करोड़ की परियोजनाओं से सुधरेगी पेयजल और सीवरेज व्यवस्था।

वाराणसी में 2678 करोड़ की परियोजनाओं से सुधरेगी पेयजल और सीवरेज व्यवस्था।

HighLights

  1. उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने सात परियोजनाओं को दी मंजूरी।

  2. 2678.92 करोड़ रुपये से सुधरेगी सीवर-पेयजल व्यवस्था।

  3. 18.94 लाख लोगों को मिलेगा सीधा लाभ।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। शहर में सीवर जाम, जलभराव और पेयजल की समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने वाराणसी में सीवरेज और पेयजल व्यवस्था से जुड़ी सात परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन योजनाओं पर कुल 2678.92 करोड़ रुपये खर्च होने हैं।

परियोजनाओं के पूरा होने पर करीब 18.94 लाख लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इससे शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सीवर नेटवर्क का विस्तार, घरों को सीवर कनेक्शन और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

बीते महीने दैनिक जागरण ने ‘सीवर जाम, व्यवस्था चोक’ अभियान के तहत शहर में सीवर की समस्या को प्रमुखता से उठाया था। बहुआयामी समाचारों के जरिये सीवर ओवरफ्लो, जाम नालियों और बदहाल व्यवस्था से लोगों को होने वाली परेशानी सामने लाई गई थी। पेयजल संकट को लेकर भी लगातार समाचार प्रकाशित किए गए। अब इन समस्याओं से जुड़ी परियोजनाओं को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद उम्मीद है कि संबंधित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति सुधरेगी।

सीवरेज पर 1983.96 करोड़ रुपये होंगे खर्च
सीवरेज व्यवस्था सुधारने के लिए तीन योजनाओं को मंजूरी मिली है। लहरतारा सीवरेज योजना पर 630.64 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके तहत 262.02 किलोमीटर सीवर नेटवर्क बिछाने और 36,900 घरों को सीवर कनेक्शन देने का लक्ष्य है। योजना से 2.24 लाख आबादी लाभान्वित होगी। इसके साथ 25 एमएलडी क्षमता का सीवेज पंपिंग स्टेशन प्रस्तावित है। इससे संबंधित लोहता में 60 एमएलडी क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माणाधीन है।

डिस्ट्रिक्ट-2बी और 2सी सीवरेज योजना पर 604.42 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें 381.16 किलोमीटर सीवर नेटवर्क और 37,405 घरों को कनेक्शन देने की योजना है। इससे 4.05 लाख आबादी को लाभ मिलेगा। योजना के साथ गोइठहां में 120 एमएलडी क्षमता का एसटीपी संबद्ध है।

चितईपुर सीवरेज योजना पर 748.90 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके तहत 453.71 किलोमीटर सीवर नेटवर्क बिछाने और 36,817 घरों को सीवर कनेक्शन देने का लक्ष्य है। इसके लिए दो सीवेज पंपिंग स्टेशन और एक मुख्य पंपिंग स्टेशन प्रस्तावित हैं। भगवानपुर में 55 एमएलडी और रमना में 50 एमएलडी क्षमता के एसटीपी इससे संबद्ध होंगे। योजना की डिजाइन वर्ष की अनुमानित आबादी 5.79 लाख है।

पेयजल व्यवस्था पर 694.96 करोड़ रुपये व्यय होंगे

पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए भी तीन योजनाओं को मंजूरी मिली है। लहरतारा जलापूर्ति योजना पर 214.21 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके तहत 323.12 किलोमीटर वितरण नेटवर्क, 12.28 किलोमीटर राइजिंग मेन (यह वह मुख्य पाइपलाइन है जो पानी को नीचे से ऊपर की तरफ (ऊंचाई पर) ले जाती है।) और 12 ओवरहेड टैंक (पानी की ऊंची टंकी) बनाए जाने की योजना है। कुल 48 नलकूपों में 42 नए और छह रीबोर नलकूप शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 33,539 घरों को पेयजल कनेक्शन देने का लक्ष्य है। योजना से 2.18 लाख लोगों को लाभ मिलेगा। यह पूरी तरह नलकूप आधारित जलापूर्ति योजना है।

डिस्ट्रिक्ट-2बी और 2सी जलापूर्ति योजना पर 252.85 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके तहत 430.39 किलोमीटर वितरण नेटवर्क, 11.94 किलोमीटर राइजिंग मेन और छह ओवरहेड टैंक प्रस्तावित हैं। 22 नए नलकूपों के साथ 37,231 घरों को कनेक्शन दिए जाएंगे। योजना से 4.15 लाख आबादी लाभान्वित होगी। इसमें सारनाथ का 100 एमएलडी क्षमता वाला वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और नलकूप आधारित व्यवस्था दोनों शामिल हैं।

चितईपुर जलापूर्ति योजना पर 227.90 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके तहत 448.716 किलोमीटर वितरण नेटवर्क, 10.565 किलोमीटर राइजिंग मेन और 11 ओवरहेड टैंक प्रस्तावित हैं। योजना में 41 नलकूप शामिल हैं, जिनमें 39 नए और दो रीबोर होंगे। इससे 31,546 घरों को कनेक्शन देने का लक्ष्य है। योजना की डिजाइन वर्ष की अनुमानित आबादी 5.10 लाख है। यह नलकूप आधारित जलापूर्ति योजना है।

तीनों जोन चितईपुर, लहरतारा व ट्रांस वरुणा जोन यानी नगर निगम के पुराने वार्ड (13 वार्ड) के अंतर्गत मोहल्लों में काम होंगे। इसमें भगवानपुर, छित्तूपुर खास, सीवरगोवर्धनपुर, सुसुवाही, कंदवा और करौदी, लहरतारा, मण्डुवाडीह, फुलवरिया, शिवदासपुर, लोहता, मढौली और ककरमत्ता, सरसौली, तरना, पांडेयपुर, नारायणपुर, दानियालपुर, अकथा, सारनाथ, पहाड़िया, खजुरी, रमरेपुर, डिठोरी महाल, सिकरौल और शिवपुर शामिल हैं जहां पेयजल और जल निकासी, ओवरफ्लो समस्या आदि पर काम किए जाएंगे।

एक नजर में छह योजनाएं
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योजना - लागत (करोड़ में) - प्रमुख लाभ (आबादी)
लहरतारा सीवरेज - 630.64 - 2.24 लाख
डिस्ट्रिक्ट-2बी, 2सी सीवरेज - 604.42 - 4.05 लाख
चितईपुर सीवरेज - 748.90 - 5.79 लाख
लहरतारा जलापूर्ति - 214.21 - 2.18 लाख
डिस्ट्रिक्ट-2बी, 2सी जलापूर्ति - 252.85 - 4.15 लाख
चितईपुर जलापूर्ति - 227.90 - 5.10 लाख
कुल लागत - 2678.92 - 18.94 लाख
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नगर के 26 वार्डों की मूलभूत जरूरतों को पूरा करने में यह मील का पत्थर साबित होगा। नए सिरे से सीवरेज और पेयजल के कार्य पूरा होने पर बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिलेगी। अब टेंडरिंग की जाएगी, इसके बाद काम शुरू कर दिया जाएगा।

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अशोक तिवारी, महापौर, नगर निगम वाराणसी।