म्यांमार से भारत में तस्करी के काशी से भी जुड़े तार, शुभ ट्रेंडिंग कंपनी के खिलाफ डीआरआई ने भी की थी कार्रवाई
म्यांमार से भारत में 1500 करोड़ रुपये की सुपारी तस्करी सिंडिकेट में वाराणसी की दो फर्मों, शुभ ट्रेडिंग कंपनी और ...और पढ़ें

म्यांमार सुपारी तस्करी: वाराणसी की फर्मों पर ईडी-डीआरआई की कार्रवाई, संजय गुप्ता गिरफ्तार।
HighLights
म्यांमार सुपारी तस्करी में वाराणसी की फर्मों का नाम।
शुभ ट्रेडिंग के संजय गुप्ता 2500 करोड़ शुल्क चोरी में गिरफ्तार।
ईडी, डीआरआई दोनों एजेंसियां कर रही हैं मामले की जांच।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गुवाहाटी जोनल टीम की ओर से म्यांमार से भारत में तस्करी कर लाई जा रही विदेशी सुपारी के 1500 करोड़ रुपये के सिंडिकेट में वाराणसी के दो फर्मों शुभ ट्रेडिंग कंपनी और चिमेरा इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड का नाम सामने आया है।
इसमें से एक शुभ ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर संजय गुप्ता को कुछ दिनों पहले डीआरआइ ने 25 सौ करोड़ की सीमा शुल्क चोरी के मामले में गिरफ्तार किया था। फिलहाल संजय गुप्ता पश्चिम बंगाल की जेल में बंद है। इन फर्मों के आफिस में कुछ महीने पहले ईडी ने छापेमारी की थी लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा था। ईडी अपने साथ कुछ कागजात ले गई थी।
डीआरआइ ने सिगरा थाना क्षेत्र के महमूरगंज निवासी शुभ ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर संजय गुप्ता पर संगठित गिरोह बनाकर लगभग 2500 करोड़ रुपये की सीमा शुल्क चोरी का आरोप लगाया था। इंदौर की डीआरआइ (राजस्व खुफिया एजेंसी) टीम ने गिरफ्तार किया था।
डीआरआइ ने बताया था कि संजय गुप्ता समेत विभिन्न आयातकों ने इंडोनेशिया-थाइलैंड की सुपारी को बांग्लादेश से आयात कर उसे बांग्लादेश का दर्शाते हुए सीमा शुल्क में अनुचित छूट प्राप्त की थी, जबकि इस माल पर सौ प्रतिशत कस्टम ड्यूटी देय थी। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़ी फर्मों, बैंक खातों, बिलों और लेनदेन की पड़ताल कर यह पता लगाने में जुटी हैं कि 1,500 करोड़ रुपये के इस पूरे कारोबार में संदिग्ध लेनदेन का हिस्सा कितना है।
