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विश्वभर में बज रहा भारत का डंका, रोजगार पाने के लिए पाकिस्तानी भी खुद को बताते हैं इंडियन: डॉ. जितेंद्र सिंह

Published: Fri, 09 Oct 2026 03:34 AM (IST)

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने वाराणसी में नमो बुक फेस्ट में कहा कि वैश्विक पटल पर भारत की बढ़ती ...और पढ़ें

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HighLights

  1. डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारत की वैश्विक साख पर प्रकाश डाला।

  2. स्पेस सेक्टर में निजी भागीदारी से ऐतिहासिक तरक्की दर्ज हुई।

  3. तकनीकी चुनौतियों का जवाब एआई के माध्यम से ही मिलेगा।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। केंद्रीय परमाणु ऊर्जा व अंतरिक्ष विभाग के राज्यमंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने वैश्विक पटल पर भारत की बढ़ती साख का उल्लेख करते हुए कहा कि आज स्थिति यह है कि पाकिस्तान का नागरिक भी विदेश में रोजगार पाने के लिए अपनी पहचान भारतीय के रूप में बताता है। केंद्रीय राज्य मंत्री बुधवार को सिगरा स्थित रूद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित नमो बुक फेस्ट में विकसित भारत @2047 विषय पर आयोजित संवाद में मुख्य अतिथि थे।

उन्होंने कहा कि देश में तकनीक को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने स्पेस सेक्टर में हुए क्रांतिकारी बदलावों के बारे में बताया कि स्पेस टेक्नालाजी को प्राइवेट कंपनियों के लिए खोलने से देश की स्पेस इकोनामिक्स में ऐतिहासिक तरक्की दर्ज हुई है।

कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि नवीन तकनीकी का ही परिणाम है कि नमामि गंगे मिशन के तहत गंगा स्वच्छता का काम तेजी से हो रहा है। सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि काशी ने अभूतपूर्व परिवर्तन देखा है। बीते 12 वर्षों में पुरातन नगरी पर आधुनिकता का कलेवर चढ़ा है।

इसमें तकनीक का बहुत बड़ा योगदान है। लेखक अमीश त्रिपाठी ने कहा कि गंगा किनारे का यह शहर पूरी दुनिया में अलग स्थान रखता है। यहां आने वाला हर शख्स अपने में ऊर्जा भर लौटता है। इसके बाद काशी की समृद्ध संस्कृति पर केंद्रित डाक्यूमेंट्री काशी बियांड द घाट भी प्रदर्शित की गई। केंद्रीय राज्य मंत्री ने बुक फेस्ट में स्टाल पर जाकर किताबें भी देखी।

एआइ से ही मिलेगा तकनीकी चुनौतियों का जवाब

संवाद सत्र में जेन जी ने टेक्नालाजी, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह ने सवाल किया। इस पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान दौर में एआइ का इस्तेमाल बेहद जरूरी है और तकनीकी चुनौतियों का जवाब भी एआइ के माध्यम से ही दिया जाएगा। उन्होंने छात्रों को सरकारी वेबसाइटों को बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव देने के लिए भी कहा।

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तीन सौ से बढ़कर तीन लाख हुए स्टार्टअप

आरजे रौनक ने जेन-जी को ने अपने काम पर फोकस करने की सीख दी। सुजैन ने पहले लोकल बनो फिर वोकल बनो का नारा दिया। युवराज पोखरना ने बताया कि देश में स्टार्टअप की संख्या 300 से बढ़कर तीन लाख तक पहुंच चुकी है, जबकि अंशु गुप्त ने कहा कि भारत आज नान-अलाइन से आल-अलाइन की मजबूत स्थिति में आ खड़ा हुआ है।