वाराणसी [वंदना सिंह]। आजकल ज्यादातर लोग डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए ई-वॉलेट यूज करते हैं। जैसे गूगल पे, पेटीएम, फोन पे आदि बड़ी ई वालेट सेवा प्रदाताएं हैं। कई बार उनके साथ फ्रॉड हो जाता है जिसमें उनके  एकाउंट से पैसे कट जाते हैं या चोरी हो जाते हैं। ई-वॉलेट कंपनी के केवाईसी के नाम पर लोगों से कई बार ठगी हो चुकी है। केवाईसी के  नाम पर आने वाले मैसेजों और कॉल्स से सावधान रहने की जरूरत है। हमें यह भी जानना होगा कि आखिर इस चोरी को कैसे रोका जाए। 

इन बातों का रखें ध्यान

अगर कोई पेटीएम के केवाईसी वेरिफिकेशन के नाम पर आपको कॉल कर रहा है या फिर एसएमएस भेजता है तो इससे सावधान हो जाएं और इस पर विश्वास न करें। किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप  डाउनलोड न करें। इस ऐप के माध्यम से वह आपके ओटीपी और पासवर्ड को देख सकता है। आपके एकाउंट से वह पैसे चोरी करने में सफल हो सकता है।

भेजती है अपना प्रतिनिधि

कभी भी फोन कॉल करके कोई भी वॉलेट कंपनी के वाईसी का वेरीफाई नहीं करती है। केवाईसी के लिए कुछ  ई-वालेट कंपनी अपना प्रतिनिधि भेजती है। प्रतिनिधि की पूरी जानकारी ग्राहक को मैसेज से उपलब्ध करा देती है। कुछ वॉलेट कंपनियों के ऐप में ही केवाईसी का ऑप्शन होता है।  

हड़बड़ाकर न दें जानकारी

जब कोई व्यक्ति के वाईसी कराने आता है तो हड़बड़ाकर सारा डिटेल न दें। सबसे पहले प्रतिनिधि का आईकार्ड देखें और उसके फोन नंबर का मिलान करने के बाद ही केवाईसी करवाएं।  

- वर्ष 2018- 19 में फ्रॉड के काफी मामले सामने आए थे। कुछ ई वॉलेट कंपनियों ने अपने ग्राहकों को अलर्ट मैसेज भी भेजे और ट्वीट कर जानकारी दी ताकि ग्राहक फ्रॉड से बच सकें। किसी थर्ड पार्टी के कहने पर केवाईसी के लिए कोई ऐप इंस्टाल न करें। -विजय वेद, टेक्निकल एक्सपर्ट।

Posted By: Abhishek Sharma

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