बलिया, जेएनएन। जिला अस्पताल के इमरजेंसी में उपचार कराने आए मरीज ने तैनात चिकित्सक की पिटाई कर दी। विवाद होते देख पुलिस चौकी पर तैनात जवानों ने मरीज व उसके भाई को हिरासत में ले लिया। चिकित्सक डॉ.धन्नंजय गुप्ता (ईएमओ) की पिटाई की सूचना पर आक्रोशित चिकित्सकों ने इमरजेंसी सहित ओपीडी सेवा ठप कर दी।

  बुधवार को चिकित्सकों ने सीएमएस कक्ष में बैठक कर चिकित्सक पर हमला करने वाले पर मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग को लेकर अड़ गए। इससे प्रशासन में हड़कम्प मच गया। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने चिकित्सकों को आरोपितों पर मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज करने का आश्वासन दिया। बाद में पुलिस ने आरोपित दोनों भाइयों को हिरासत में ले लिया। लगभग दो घंटे बाद चिकित्सकों ने सभी सेवाएं बहाल की। इस दौरान इमरजेंसी में मरीज तड़पते रहे। ओपीडी व इमरजेंसी के बाहर पीडि़त मरीजों की कतार लग गई।

    गड़वार थाना क्षेत्र निवासी राकेश कुमार ङ्क्षसह (28 वर्ष) सेना में जवान हैं। वह छुट्टी पर घर आए थे। देर रात अपने घर की छत के कोने पर खड़े थे, उसी दौरान गिरकर घायल हो गए। भाई मुकेश कुमार ङ्क्षसह उन्हें लेकर जिला अस्पताल के इमरजेंसी में इलाज कराने पहुंचे। इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक की मानें तो उसी समय एक झुलसी युवती पहुंच गई। चिकित्सक ने मुकेश से घायल राकेश को दूसरे बेड पर ले जाने के लिए कहा। इतने में वह आग बबूला होकर गाली देने के साथ ही चिकित्सक डॉ.धन्नंजय को थप्पड़ मार दिया। विवाद की सूचना मिलने पर बगल की चौकी पर तैनात पुलिस व होमगार्ड के जवान पहुंचे और दोनों भाईयों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद अस्पताल के आक्रोशित आंदोलनरत चिकित्सकों ने इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक सेवा ठप कर दी। मौके पर पहुंचे सीओ सिटी अरुण सिंह, कोतवाल विपिन सिंह ने चिकित्सकों को हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन देकर आंदोलन खत्म कराया।

 

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