जागरण संवाददाता, वाराणसी : ज्ञानवापी परिसर के तालाब के पानी को खाली कराने के दौरान शिवलिग अस्तित्व में आने की बात सामने आई पर इस दौरान इसमें मौजूद सैकड़ों मछलियों की जान भी आफत में आ गई। प्रशासन ने प्रांरभिक दौर में बीस से तीस मछलियों को निकलवाकर एक पानी भरे ड्रम में सुरक्षित रखा पर संख्या अधिक होने के कारण सभी को निकाल पाना संभव नहीं हुआ। पानी निकासी के कारण आक्सीजन की कमी आना स्वाभाविक मानते हुए तत्काल मत्स्य विभाग को मौके पर बुलाया गया। आक्सीजन की व्यवस्था के साथ मत्स्य विभाग पहुंचा। तालाब में डेढ़ फीट तक पानी होने के कारण बाद में निकाली गई मछलियों को भी उसी में छोड़ दिया गया। गर्मी व पानी की कमी से पर्याप्त आक्सीजन न होने की वजह से अब इन मछलियों की जान जा सकती है, इसलिए प्रशासन इनकी व्यवस्था के बाबत कोर्ट से अपील करेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि कोर्ट निर्देश के क्रम में इन मछलियों को बचाने का प्रयास होगा। ज्ञानवापी परिसर की कार्यवाही के कारण श्रीनगर नहीं जा सके डीएम

जागरण संवाददाता, वाराणसी: जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में 16 व 17 मई को गुड गवर्नेंस पर आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा बतौर गेस्ट स्पीकर के रूप में आमंत्रित थे लेकिन ज्ञानवापी परिसर के सर्वे की कार्यवाही की वजह से नहीं जा सके। इस कार्यक्रम में आनलाइन भी नहीं जुड़ सके। जिलाधिकारी ने बताया कि 16 अप्रैल को गुड गवर्नेंस पर आयोजित इस कार्यक्रम में जाना था, व्यस्त होने पर आनलाइन भी जुड़ने की बात थी लेकिन मौका नहीं मिला। डीएम को इस कार्यक्रम में पीएम स्वनिधि योजना में जिले बेहतर हुए कार्यों को साझा करना था। इसी कार्य के लिए पिछले दिनों डीएम को प्रधानमंत्री की ओर से सम्मानित किया गया था।

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