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काशी में जागरण फ‍िल्‍म फेस्‍ट‍िवल के दौरान छोटा बजट, बड़े हौसले और गहरे असर पर व‍िमर्श

By Prakash PandeyEdited By: Abhishek sharma
Published: Sun, 13 Sep 2026 12:35 PM (IST)

अभिनेता रोचन माथुर ने जागरण फिल्म फेस्टिवल में अपनी फिल्म 'हरतोला' के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि सीमित बजट ...और पढ़ें

रोचन माथुर ने बताया 'हरतोला' की शूटिंग के अनुभव, कम बजट में भी सीखा बहुत कुछ।

रोचन माथुर ने बताया 'हरतोला' की शूटिंग के अनुभव, कम बजट में भी सीखा बहुत कुछ।

HighLights

  1. रोचन माथुर ने जागरण फिल्म फेस्टिवल में 'हरतोला' के अनुभव बताए।

  2. सीमित बजट में शूटिंग के दौरान कई जिम्मेदारियां निभाईं, अभिनय के साथ।

  3. कम बजट की फिल्मों से काम और जीवन का नया नजरिया मिला।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। सीमित बजट में फिल्म बनाना चुनौती जरूर है, लेकिन इससे सीखने का मौका भी मिलता है। स्लो बर्न क्राइम थ्रिलर 'हरतोला' में सरनाज खलापुरी की भूमिका निभाने वाले अभिनेता रोचन माथुर ने जागरण फिल्म फेस्टिवल के दौरान बातचीत में शूटिंग के अनुभव साझा किए। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्र हरतोला में ठंड और बर्फ के बीच फिल्म की शूटिंग हुई।

रोचन ने बताया कि बजट टाइट होने के कारण शूटिंग के दौरान उन्हें कैमरे के सामने अभिनय के साथ कई दूसरी जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ीं। कैमरा आन होने पर वह अभिनेता होते थे और शूटिंग रुकते ही लाइट और कैमरे की सेटिंग से जुड़े काम में हाथ बंटाते थे। पहाड़ों में गाड़ी चलाने का अनुभव होने के कारण कई बार एक लोकेशन से दूसरी लोकेशन तक कलाकारों को पहुंचाने की जिम्मेदारी भी उन्होंने संभाली।

उनके अनुसार, इस अनुभव ने उन्हें समझाया कि फिल्म केवल कैमरे के सामने दिखाई देने वाले हिस्से तक सीमित नहीं होती। वह कलाकारों को भी बहुत कुछ सिखाती है। कम बजट में काम करते हुए उन्होंने संसाधनों की कमी को चुनौती की तरह लेने के बजाय उससे सीखना सीखा। 'हरतोला' की यह तीसरी स्क्रीनिंग है। इससे पहले फिल्म केरल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल और श्रीनगर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित हो चुकी है। रोचन के लिए फिल्म का सबसे बड़ा हासिल यही रहा कि छोटे बजट में बनी फिल्म ने उन्हें काम और जिंदगी, दोनों को नए नजरिए से देखने का अनुभव दिया।