वाराणसी, जेएनएन। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में सोमवार को भक्तों को बड़ी राहत मिल गई। लगभग छह माह बाद श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश दिया जाने लगा। हालांकि स्पर्श पर रोक पूर्ववत रही। इसके लिए कटघरा लगाया गया है। इसके बाहर से ही लोग बाबा का दर्शन करेंगे और सीधे जलाभिषेक कर सकेंगे। कोरोना काल शुरू होने के साथ ही मार्च में मंदिर बंद कर दिया गया था।

गर्भगृह में शारीरिक दूरी का अनुपालन करते मास्क लगा कर एक से दो भक्तों को ही प्रवेश की अनुमति

मंदिर खुलने पर भी गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित रहा। दरवाजे से ही दर्शन के साथ ही पाइप युक्त पात्र से जलाभिषेक की व्यवस्था की गई थी। अब गर्भगृह में श्रद्धालुओं का प्रवेश शुरू करने के साथ मंदिर प्रांगण में सभी विग्रहों के ताले भी खोल दिए गए। इनमें भी श्रद्धालुओं को लंबे समय बाद दर्शन मिला। हालांकि, इसके लिए भी कोरोना संक्रमण के मद्देनजर बनाए गए प्रोटोकाल का अनुपालन पर अधिक जोर रहा। गर्भगृह में शारीरिक दूरी का अनुपालन करते मास्क लगा कर एक से दो भक्तों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई।

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर गर्भगृह में प्रवेश कर दर्शन की अनुमति दी गई

श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर गर्भगृह में प्रवेश कर दर्शन की अनुमति दी गई है। भक्तगण दर्शन के साथ ही बाबा को दूध-जल भी अर्पित कर सकते हैं लेकिन स्पर्श की अनुमति नहीं होगी। दर्शन के दौरान कोरोना संक्रमण को लेकर बनाए गए प्रोटोकाल का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा।

- डा. सुनील कुमार वर्मा, सीईओ, श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर।

 

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