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30 वर्षों के प्रशासनिक अनुभव को जनसेवा के नए अध्याय में बदलने का संकल्प : प्रवीण प्रकाश

By Digital Desk Edited By: Abhishek sharma
Published: Sat, 19 Sep 2026 05:02 PM (IST)

भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी प्रवीण प्रकाश ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाने का ...और पढ़ें

प्रवीण प्रकाश का वाराणसी में जनसेवा और विकास का नया अध्याय, 30 साल का प्रशासनिक अनुभव समर्पित।

प्रवीण प्रकाश का वाराणसी में जनसेवा और विकास का नया अध्याय, 30 साल का प्रशासनिक अनुभव समर्पित।

HighLights

  1. वरिष्ठ IAS प्रवीण प्रकाश ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद जनसेवा का संकल्प लिया।

  2. वाराणसी को अपनी जनभागीदारी और विकास संबंधी पहलों का केंद्र बनाएंगे।

  3. तीन दशकों के प्रशासनिक अनुभव से स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करेंगे।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 1994 बैच के वरिष्ठ अधिकारी प्रवीण प्रकाश ने लगभग तीन दशकों तक विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं नीतिगत दायित्वों का निर्वहन करने के बाद अब सार्वजनिक जीवन में सक्रिय भूमिका निभाने का निर्णय लिया है। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद, उन्होंने वाराणसी को अपनी जनभागीदारी और विकास संबंधी पहलों का केंद्र बनाने का संकल्प लिया है।

प्रवीण प्रकाश का प्रशासनिक जीवन स्थानीय निकायों, जिला प्रशासन, शिक्षा, शहरी विकास, स्वच्छता, मानव संसाधन विकास तथा राज्य एवं केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से भरा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार में भी महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया और स्वच्छ भारत मिशन सहित कई प्रशासनिक पहलों में योगदान दिया।

प्रवीण प्रकाश ने अपने सार्वजनिक वक्तव्यों में कहा है कि लोकतंत्र केवल चुनावों से नहीं, बल्कि नागरिक भागीदारी, जवाबदेह प्रशासन और स्थानीय विकास की मजबूत संरचनाओं से सशक्त होता है। उनका मानना है कि विकसित देशों में सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद, वैज्ञानिक और नीति विशेषज्ञ अपने गृह क्षेत्रों के विकास में सक्रिय योगदान देते हैं, और भारत में भी इस परंपरा को मजबूत करने की आवश्यकता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वाराणसी केवल एक धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी नहीं, बल्कि ज्ञान, नवाचार, उद्यमिता, पर्यटन, हस्तशिल्प, शिक्षा और सेवा क्षेत्र की अपार संभावनाओं वाला शहर है। यदि स्थानीय संसाधनों, युवाओं की ऊर्जा और प्रशासनिक अनुभव को एक मंच पर लाया जाए, तो वाराणसी पूर्वांचल की विकास राजधानी के रूप में स्थापित हो सकता है।

प्रवीण प्रकाश का दृष्टिकोण स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, रोजगार सृजन, कौशल विकास, स्टार्टअप प्रोत्साहन, शहरी नियोजन, पर्यावरण संरक्षण, गंगा एवं सहायक जलधाराओं के संरक्षण, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार तथा डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। उनका मानना है कि विकास का वास्तविक मॉडल वही है जिसमें आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक न्याय, पारदर्शिता और नागरिक गरिमा भी सुनिश्चित हो।

उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में सरकारों की नीतियों पर प्रश्न उठाना, उनके परिणामों का मूल्यांकन करना तथा वैकल्पिक दृष्टिकोण प्रस्तुत करना एक स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। इसी भावना के साथ वे जनहित के मुद्दों पर संवाद, शोध और नीति-आधारित विमर्श को आगे बढ़ाना चाहते हैं।

प्रवीण प्रकाश का कहना है कि प्रशासनिक सेवा से उनका औपचारिक दायित्व भले समाप्त हुआ हो, लेकिन समाज और राष्ट्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पहले की तरह कायम है। अब वे अपने अनुभव, ज्ञान और प्रशासनिक समझ को सीधे जनता के साथ साझा करते हुए विकास के नए मॉडल और जनभागीदारी आधारित शासन की दिशा में कार्य करना चाहते हैं।