गाजीपुर, जागरण संवाददाता। सादात के रेलवे स्टेशन रोड़ पर छह दिन पहले गुमटी में जलकर मरे मेवालाल केशव के शव को रविवर को एसडीएम जखनियां बीरबहादुर यादव ने निकलवाया। इस दौरान नायब तहसीलदार जयप्रकाश सहित पुलिस फोर्स रही। मौके पर तमाशबीनों का भी जमावड़ा रहा। शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। इसमें कुछ संदिग्ध मिला तो पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। पुलिस की रिपोर्ट के बावजूद जिला प्रशासन के निर्देशानुसार तहसील प्रशासन द्वारा सक्षम अधिकारी की नियुक्ति न होने से शव को कब्र से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की प्रक्रिया में देरी हुई।

क्षेत्र के सरैयां निवासी वृद्ध द्विव्यांग मोची मेवालाल राम वर्षों से रेलवे स्टेशन जाने वाले मार्ग पर सड़क किनारे गुमटी में रहकर मोची का काम करता था। बीते 29 नवम्बर को सोमवार की रात अज्ञात कारणों से गुमटी में आग लग गई, जिससे उसकी झुलसकर मौत हो गई। उस समय सूचना पाकर मौके पर पहुंचे स्वजन पुलिस को सूचना दिए बगैर शव को दफना दिए, लेकिन बाद में वह खुद मौत को परिस्थिति को अलग बताने लगे। इस मामले में शाम को मृतक के पुत्र रामसेवक राम थाने पहुंचकर चार लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया था।

उसने पड़ोसी लक्ष्मण राम और उनके दो पुत्रों राहुल व अक्कू के साथ ही बेटी मनीषा को नामजद किया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद सैदपुर सीओ बलराम व जिले से आयी फोरेंसिक टीम ने घटना स्थल की छानबीन करते हुए रास्ते में पड़ने वाले एक दो सीसीटीवी फुटेज को भी देखा। पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने हेतु गड्ढा खोदकर शव निकाले जाने की परमिशन लेने के लिए जिलाधिकारी व एसडीएम जखनियां को आवश्यक पत्र लिखा था। इसे लेकर जागरण ने पांच दिसंबर के अंक में खबर भी प्रकाशित की है। इस बाबत प्रकरण को संज्ञान लेने के बाद विधिक कार्रवाई की जा रही है। 

Edited By: Abhishek Sharma