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काशी में दस द‍िन बाद जन्‍मेगा लंकेश, करेगा अट्टहास तो राम की प्रत्‍यंचा करेगी दशानन का नाश

By abhishek sharma Edited By: Abhishek sharma
Published: Tue, 15 Sep 2026 05:45 AM (IST)

रामनगर की प्रसिद्ध रामलीला अनंत चतुर्दशी को रावण के जन्म के साथ शुरू होगी, जो एक माह तक चलेगी। यह ...और पढ़ें

काशी में अनंत चतुर्दशी पर जन्मेंगे दशानन, रामनगर रामलीला में होगा रावण का वध।

काशी में अनंत चतुर्दशी पर जन्मेंगे दशानन, रामनगर रामलीला में होगा रावण का वध।

HighLights

  1. अनंत चतुर्दशी को रावण के जन्म से रामलीला का आरंभ।

  2. एक माह तक चलेगी पारंपरिक रामलीला, महताबी रोशनी में भव्यता।

  3. काशी राज परिवार की भागीदारी, सांस्कृतिक एकता का संदेश।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। मुक्‍ताकाशीय मंच की सबसे बड़ी घुमंतू रामलीला रामनगर में अनंत चतुर्दशी के दिन रावण के जन्म के साथ आरंभ होगी। इस बार की रामलीला में सभी पात्रों का प्रशिक्षण अंतिम चरण में है, जबकि लीला की तैयारियों के लिए मुखौटों की सफाई और सजावट का कार्य चल रहा है। यह रामलीला एक माह तक चलेगी, जिसमें मानस की चौपाइयों का पाठ किया जाएगा।

रामलीला के विभिन्न स्थलों पर पात्र अपने-अपने किरदार निभाते हैं। इस आयोजन में पंचलाइट और महताबी रोशनी का उपयोग किया जाता है, जिससे आयोजन की भव्यता में चार चांद लग जाते हैं। यहां न तो बिजली की रोशनी होती है और न ही कोई अन्य चमक-दमक, केवल महताबी रोशनी में यह आयोजन निखरता है।

काशी राज परिवार भी इस आयोजन में भाग लेता है और बग्घी पर सवार होकर रामलीला में शामिल होता है। रामनगर की यह रामलीला न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर का भी प्रतीक है। आयोजन में काशी ही नहीं देश व‍िदेश तक से लोग शाम‍िल होने आते हैं।  

इस बार की रामलीला में रावण का जन्म अनंत चतुर्दशी को 25 स‍ितंबर को होगा, जिसके बाद दशहरा के दिन रावण का वध किया जाएगा। रावण का अट्टहास और राम की प्रत्‍यंचा का नाश इस महाकाव्य का मुख्य आकर्षण रहेगा। रामलीला के दौरान दर्शकों को राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान और रावण जैसे प्रमुख पात्रों के अभिनय का आनंद मिलेगा।

रामलीला का आयोजन हर साल भव्यता के साथ किया जाता है, जिसमें स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ दूर-दूर से आए कलाकार भी शामिल होते हैं। इस बार भी रामनगर में रामलीला की तैयारियों को लेकर उत्साह का माहौल है।

रामलीला का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह समाज में एकता और भाईचारे का संदेश भी देता है। रामलीला के मंच पर होने वाले संवाद और घटनाएं दर्शकों को न केवल मनोरंजन प्रदान करती हैं, बल्कि उन्हें जीवन के महत्वपूर्ण मूल्यों की भी शिक्षा देती हैं।

इस आयोजन में शामिल होने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। रामनगर की गलियों में रामलीला का माहौल देखने लायक होता है। स्थानीय लोग और पर्यटक इस महोत्सव का हिस्सा बनते हैं, जिससे रामलीला की लोकप्रियता और भी बढ़ जाती है।

इस बार की रामलीला में विशेष रूप से किरदारों को और भी जीवंत करने के लिए कई नए मुखौटे और वेशभूषा तैयार की गई हैं। कलाकारों ने अपने अभिनय में नयापन लाने के लिए विशेष प्रशिक्षण लिया है।

रामलीला का यह आयोजन न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक धरोहर का भी प्रतीक है। यह हर साल लोगों को एकत्रित करता है और उन्हें एक साथ लाने का कार्य करता है। रामनगर की रामलीला का यह महोत्सव न केवल स्थानीय लोगों के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक कार्यक्रम है।