यूपी में 'अर्नब' चक्रवात ने बिगाड़ी मानसून की चाल, चार दिन से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसून की वापसी ठिठकी
चक्रवात 'अर्नब' के कारण उत्तर प्रदेश में मानसून की वापसी ठिठक गई है, जिससे पश्चिमी यूपी में लगातार चार दिनों ...और पढ़ें

उत्तर प्रदेश में 'अर्नब' चक्रवात का कहर: मानसून की वापसी ठिठकी, भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त।
HighLights
'अर्नब' चक्रवात ने उत्तर प्रदेश में मानसून की वापसी रोकी।
पश्चिमी यूपी में चार दिनों से भारी बारिश और तेज हवाएं।
धान व सब्जियों की फसलों को व्यापक नुकसान हुआ।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। वापसी की राह पर चल रहा मानसून अब चार दिनों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक ही सीमा में ठिठका है। वहीं वाराणसी और प्रदेश के अन्य हिस्सों में 'अर्नब' चक्रवात का व्यापक असर जारी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वी उत्तर प्रदेश तक लगातार हो रही भारी बारिश और तेज हवाओं ने तबाही मचा रखी है। इसकी वजह से मानसून की वापसी ठिठक गई है।
बुधवार दोपहर से उत्तर प्रदेश में सक्रिय हुआ चक्रवाती असर शनिवार की शाम तक बना रहा। वहीं देर रात से लेकर शनिवार तक हो रही बारिश के कारण खेत खलिहान ही नहीं, बल्कि नदियों का जलस्तर भी प्रभावित हो गया है। तेज हवाओं के कारण धान और सब्जियों की फसल को व्यापक नुकसान का सामना करना पड़ा है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में दुश्वारियां सर्वाधिक रही हैं। बाढ़ के कारण किसान और तटवर्ती लोग परेशान रहे हैं, जबकि अब अर्नब चक्रवात के कारण तबाही का आलम चारों ओर नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने इसको लेकर पूर्व में ही यलो अलर्ट जारी कर रखा था। मौसम विभाग ने शनिवार को जारी रिपोर्ट में चार्ट जारी कर बताया कि मानसून की वापसी की स्थिति यथावत बनी हुई है।

भारी बारिश और तेज हवाओं के बीच तापमान में भी गिरावट आई है। 'चक्रवात अर्नब' नाम दिया गया है, जिसे बांग्लादेश ने सुझाया है। बांग्लादेश द्वारा दिया गया 'अर्नब' नाम बंगाली में महासागर के अर्थ में आता है। इस बार बांग्लादेश का ही नंबर था कि वह चक्रवात का नामकरण करे, चक्रवात का असर समूचे उत्तर प्रदेश में बना हुआ है।
इस चक्रवात के कारण उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। किसानों को अपनी फसल के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर भी विपरीत प्रभाव पड़ा है। बाढ़ के कारण कई क्षेत्रों में जलभराव हो गया है, जिससे लोगों को आवागमन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और आवश्यक उपाय करने की अपील की है। चक्रवात के प्रभाव से बचने के लिए प्रशासन ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। अर्नब चक्रवात ने उत्तर प्रदेश में मानसून की स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, इसकी वजह से वापसी की राह देख रहा मानसून अब चक्रवातीय स्थितियों में फंसकर ठिठक गया है।
मानसून हर साल सोनभद्र के रास्ते यूपी में 15 जून के आसपास प्रवेश करता रहा है और अक्टूबर के पहले सप्ताह के बाद सोनभद्र के रास्ते ही यूपी से मानसून विदा भी हो जाता है। इस बार मानसून देरी से आया और समय पर जाने की तैयारी कर ही रहा था कि अर्नब चक्रवात के फेर में फंसने की वजह से मानसून अब चार दिनों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ही फंसा हुआ है। अब वापसी की राह चक्रवात के समाप्ति पर ही संभव नजर आ रहा है।
