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कोरूगेटेड बॉक्स उद्योग पर संकट, बॉक्स की कीमतें तत्काल प्रभाव से 25 प्रतिशत बढ़ाने की घोषणा

By Shrawan BhardwajEdited By: Abhishek sharma
Published: Fri, 25 Sep 2026 06:35 PM (IST)

क्राफ्ट पेपर की कीमतों में 25-30% की अप्रत्याशित वृद्धि के कारण कोरूगेटेड बॉक्स उद्योग गंभीर संकट में है। उत्तर प्रदेश ...और पढ़ें

कोरूगेटेड बॉक्स उद्योग पर गहरा संकट: क्राफ्ट पेपर की बढ़ती कीमतों से 25% मूल्य वृद्धि।

कोरूगेटेड बॉक्स उद्योग पर गहरा संकट: क्राफ्ट पेपर की बढ़ती कीमतों से 25% मूल्य वृद्धि।

HighLights

  1. क्राफ्ट पेपर की कीमतों में 25-30% की अप्रत्याशित वृद्धि हुई।

  2. कोरूगेटेड बॉक्स के मूल्यों में तत्काल 25% वृद्धि का निर्णय।

  3. जीएसटी की इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर पर गंभीर चिंता व्यक्त की।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। क्राफ्ट पेपर की कीमतों में लगातार हो रही अनियंत्रित बढ़ोतरी ने कोरूगेटेड बॉक्स निर्माताओं के सामने गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। पिछले कुछ सप्ताहों में क्राफ्ट पेपर के दामों में लगभग 25 से 30 प्रतिशत तक की अप्रत्याशित वृद्धि होने से उत्पादन लागत बुरी तरह प्रभावित हुई है।

इसी विषय को लेकर उत्तर प्रदेश कोरूगेटेड बॉक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन वाराणसी चैप्टर की एक महत्वपूर्ण बैठक आज होटल वी आर लक्स, वाराणसी में चैप्टर अध्यक्ष राजेश भाटिया की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में सदस्यों ने क्राफ्ट पेपर की बढ़ती कीमतों, सीमित कार्यशील पूंजी, सप्लायर क्रेडिट अवधि में कमी तथा ग्राहकों से भुगतान में हो रही देरी पर गंभीर चिंता व्यक्त की।

बैठक में सचिव महिपाल गुप्ता ने सदस्यों का स्वागत किया तथा उपाध्यक्ष संजय लखमानी ने बैठक का संचालन किया। अध्यक्ष राजेश भाटिया ने कहा कि कोरूगेटेड बॉक्स उद्योग पहले से ही अत्यंत कम मार्जिन पर कार्य करता है। ऐसे में कच्चे माल की कीमतों में 25-30 प्रतिशत की वृद्धि को उद्योग लंबे समय तक वहन नहीं कर सकता। पेपर मिलों द्वारा विगत दो माह से लगातार हर सप्ताह क्राफ्ट पेपर के दाम बढ़ाए जाने से पैकेजिंग निर्माताओं की कार्यशील पूंजी पर असाधारण दबाव पड़ रहा है।

बैठक में जीएसटी व्यवस्था को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई। सदस्यों ने कहा कि तैयार कोरूगेटेड बॉक्स पर जीएसटी दर 12 प्रतिशत से घटकर 5 प्रतिशत हो गई है, जबकि प्रमुख कच्चा माल क्राफ्ट पेपर पर जीएसटी 12 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गया है। इससे इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर की स्थिति पैदा हुई है और बड़ी मात्रा में इनपुट टैक्स क्रेडिट विभाग में फंसने से इकाइयों की कार्यशील पूंजी प्रभावित हो रही है।

उन्होंने कहा कि जब कच्चा माल हर सप्ताह महंगा हो रहा है और तैयार माल पर उसी अनुपात में कीमत नहीं बढ़ाई जा रही है तो निर्माता अपनी पूंजी से कितने दिन तक उद्योग चला सकता है। इसलिए सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि तत्काल प्रभाव से कोरूगेटेड बॉक्स के मूल्यों में 25 प्रतिशत की वृद्धि की जाती है।

एसोसिएशन ने सरकार से आग्रह किया कि क्राफ्ट पेपर और कोरूगेटेड बॉक्स पर जीएसटी दरों में व्यावहारिक समानता एवं संतुलन स्थापित किया जाए, ताकि निर्माताओं की कार्यशील पूंजी पर पड़ रहे अतिरिक्त बोझ को कम किया जा सके।बैठक में जी.आर. नागर, सादिक, महिपाल गुप्ता, प्रिंस वर्मा, रंजीत जायसवाल, उमाशंकर श्रीवास्तव, संजय लखमानी, दिनेश चौरसिया, डॉ. सोहनलाल, अशोक सिंह, राहुल जायसवाल, विजय गांधी, राजेश जायसवाल, लोकेश अग्रवाल, जय कथूरिया तथा नीरज जायसवाल आदि उद्यमी उपस्थित रहे।