पुलिस लाइन में बनेगी आभासी शूटिंग रेंज

-कंप्यूटर नियंत्रित माहौल में अभ्यास करेंगे पुलिस के जवान

-कारतूस का खर्च होगा कम, अभ्यास को प्रभावित नहीं कर सकेगा मौसम

जागरण संवाददाता, वाराणसी : शूटिंग अभ्यास के दौरान दूर तक सुनाई देने वाली ठांय-ठांय की आवाज और कारतूस की बर्बादी अब बंद हो जाएगी। पुलिस लाइन में अत्याधुनिक आभासी (इनडोर सेमुलेटेड) शूटिंग रेंज बनाई जाएगी। इसमें पुलिस जवानों को ट्रेनिंग दी जाएगी। कंप्यूटर आधारित इस शूटिंग रेंज में सबकुछ असली जैसा होगा, बस गोलियां और टारगेंट नकली होंगे। पुलिस लाइन में जमीन तय करने के बाद प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय लखनऊ भेजा जाएगा।

प्रतिसार निरीक्षक उमेश कुमार दुबे के अनुसार पुलिस जवानों और अधिकारियों के लिए शूटिंग का अभ्यास अनिवार्य होता है। जिले में थोड़-थोड़े अंतराल पर कम से कम 25 प्रतिशत जवानों को ट्रेनिंग दी जाती है। शूटिंग के अभ्यास में कारतूसों का भारी मात्रा में उपयोग किया जाता है। बनारस में पिछले एक साल में दो बार शूटिंग का अभ्यास कराया गया है। खुले मैदान में होने वाले अभ्यास को मौसम समेत अन्य समस्याएं प्रभावित करती हैं। इससे देखते हुए पुलिस लाइन में अत्याधुनिक शूटिंग रेंज बनाई जाएगी। इसमें सबकुछ कंप्यूटर से नियंत्रित होगा। इसमें ट्रेनिंग के लिए असलहे असली जैसे होंगे, इनमें कारतूस की बजाय गैस से चलने वाली गोलियां होंगी। साथ ही गोली चलाने पर लगने वाला झटका भी उतना ही होगा जितना असली कारतूस दागने पर होता है। शूटिंग रेंज में एक बड़ा स्क्रीन होगा जिस पर मौजूद टारगेट पर जवान निशाना साधेंगे।

ये होंगे फायदे

-नियंत्रित माहौल में हो सकेगा अभ्यास

-12 महीने चल सकती है ट्रेनिंग

-बदमाश के एनकाउंटर से लेकर आतंकियों के साथ मुठभेड़ तक माहौल बनाया जा सकता है

-आभासी शूटिंग रेंज से कारतूस का खर्च कम हो जाएगा

-किसी तरह की दुर्घटना की आशंका नहीं रहेगी

-मौसम की वजह से अभ्यास प्रभावित नहीं हो सकेगा

Edited By: Jagran