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क्रि‍केटर सुरेश रैना पहुंचे वाराणसी, 'बाटी-चोखा' का ल‍िया जायका, काशी की परंपराओं से हुए अवगत

By Prakash PandeyEdited By: Abhishek sharma
Published: Thu, 15 Oct 2026 10:48 AM (IST)

पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुरेश रैना ने वाराणसी में बाबा दरबार में हाजिरी लगाने के लिए अर्जी लगाई। उन्होंने काशी में ...और पढ़ें

क्रि‍केटर सुरेश रैना ने वाराणसी में चखा बाटी-चोखा का स्वाद, काशी की परंपराओं से हुए रूबरू।

क्रि‍केटर सुरेश रैना ने वाराणसी में चखा बाटी-चोखा का स्वाद, काशी की परंपराओं से हुए रूबरू।

HighLights

  1. सुरेश रैना ने वाराणसी में बाटी चोखा का आनंद लिया।

  2. उन्होंने बाबा दरबार में हाजिरी लगाने की अर्जी लगाई।

  3. पूर्व क्रिकेटर काशी की स्थानीय परंपराओं से अवगत हुए।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। पूर्व भारतीय क्रि‍केटर सुरेश रैना बुधवार की देर रात जौनपुर से लौटे तो बनारस में बाबा दरबार में हाज‍िरी के ल‍िए भी अर्जी लगाई, वहीं काशी आने के बाद पेट पूजा के ल‍िए लोकल जायका लेने पहुंच गए बाटी चोखा और वहां पर शुद्ध बनारसी जायके का आनंद ल‍िया और पारंपर‍िक भोजन करने के बाद वह काशी की परंपरा से भी अवगत हुए। 

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी सुरेश रैना बुधवार को जौनपुर प्रीमियर लीग के समापन समारोह में शामिल होने के बाद देर रात वाराणसी पहुंचे। जौनपुर में क्रिकेट के मैदान पर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाने वाले रैना ने बनारस पहुंचकर स्थानीय खानपान का स्वाद लिया। बाटी-चोखा रेस्टोरेंट में उन्होंने देसी व्यंजनों का आनंद लिया। इस दौरान उनके शहर में आने की जानकारी मिलने पर उनसे मिलने के लिए कुछ लोग भी रेस्टोरेंट पहुंचे।

जौनपुर में खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के एकलव्य स्टेडियम में आयोजित जौनपुर प्रीमियर लीग के फाइनल में रैना की मौजूदगी खिलाड़ियों और क्रिकेट प्रेमियों के लिए खास रही। उन्होंने खिलाड़ियों से मुलाकात की, मैदान पर कुछ गेंदें खेलीं और प्रशंसकों को ऑटोग्राफ भी दिए। आयोजकों की पहल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतर मंच देती हैं।

यूपी में अधिक रणजी टीमों की वकालत
रैना ने उत्तर प्रदेश में एक से अधिक रणजी टीमें बनाने की जरूरत बताई। उनके अनुसार, प्रदेश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त अवसर और प्रतिस्पर्धी मंच मिलना जरूरी है। उन्होंने नियमित अभ्यास, अनुशासन और फिटनेस को सफलता का आधार बताया।