वाराणसी, जेएनएन। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को प्रभावी तरीके से पढ़ाने के लिए शिक्षकों को लगातार प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके बावजूद शिक्षा की गुणवत्ता में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा है। एनुअल सर्वे ऑफ एजुकेशन रिपोर्ट के मुताबिक कक्षा-एक के 41.9 फीसद बच्चे अक्षर ज्ञान से वंचित है। अर्थात उन्हें 'क', 'ख' व 'ग' भी नहीं आता है। वहीं 31.5 फीसद बच्चे सिर्फ अक्षर पढ़ सकते हैं, उनसे बने शब्द नहीं। 31.2 फीसद बच्चे एक से नौ तक के अंक पहचान तक नहीं है।

 इसी प्रकार कक्षा तीन में 16.8 फीसद को अक्षर ज्ञान नहीं, 25.3 फीसद को शब्दों की पहचान नहीं व 39.7 फीसद बच्चों को कक्षा एक से नौ तक के अंकों की पहचान नहीं है। ऐसे में ब्लाक स्तर पर होने वाले शिक्षकों के प्रशिक्षण पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इन दिनों ब्लाकों में निष्ठा ट्रेनिंग प्रोग्राम शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत 14 जनवरी को बीआरसी (केसरीपुर व सारनाथ) में शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया ताकि लर्निंग आउटकम की परीक्षा में बच्चे और बेहतर प्रदर्शन कर सके। वहीं बुधवार को यूआरसी कबीरचौरा द्वितीय बैच के शिक्षकों का प्रशिक्षण समाप्त हुआ। खंड शिक्षा अधिकारी श्रीनारायण मिश्र के मुताबिक द्वितीय चरण में 150 शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

budget2021