वाराणसी, जेएनएन। जिले में कोरोना का पहला मरीज 21 मार्च 2020 को मिला था और पहली मौत तीन अप्रैल को हुई थी। पूरे कोरोना काल में सबसे अधिक मृत्युदर जून में रही और 5.16 फीसद मरीजों ने दम तोड़ा था। इसके बाद सबसे ज्यादा मृत्युदर जनवरी 2021 में 2.51 फीसद रही। हालांकि जनवरी में मृत्युदर बढऩे के बावजूद फरवरी में न केवल संक्रमण दर नियंत्रित है, बल्कि अभी तक कोई मौत नहीं हुई है। अप्रैल में कोरोना से सिर्फ एक  मौत हुई लेकिन जैसे-जैसे मरीजों की संख्या बढ़ी, मरने वालों की संख्या भी बढ़ती गई। सितंबर में सर्वाधिक 92 मौतें हुईं तो वहीं अगस्त में यह आंकड़ा 90 दर्ज किया गया था। बावजूद इसके इन दो महीनों में मृत्यु दर क्रमश: 1.60 व 1.89 फीसद ही रही। फरवरी में अभी तक सिर्फ 39 संक्रमित मिले हैं। इतना ही नहीं दस महीनों में पहली बार 15 फरवरी को बनारस में एक भी पाजिटिव केस नहीं मिला।

यह बहुत ही सकारात्मक संकेत है

यह बहुत ही सकारात्मक संकेत है। स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत और फ्रंटलाइन वर्करों के सहयोग से जिले में कोरोना संक्रमण पूरी तरह काबू में आ चुका है। वह दिन दूर नहीं, जब हम पूरी तरह संक्रमण से मुक्त होंगे।

- डा. वीबी सिंह, सीएमओ-वाराणसी

महीना     संक्रमित  मौत

मार्च          02        0

अप्रैल      61          1

मई         123        3

जून         329       17

जुलाई     2489      59

अगस्त    4742      90

सितंबर   5731      92

अक्टूबर  4209      77

नवंबर    2564      40

दिसंबर   2354      57

जनवरी    796       20

फरवरी      39       0

3255 की जांच में दो पाजिटिव

बीएचयू व मंडलीय अस्पताल लैब से बुधवार को प्राप्त 3255 जांच रिपोर्ट में दो पाजिटिव मिले। होम आइसोलेशन के पांच मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आने पर उन्हेंं स्वस्थ घोषित कर दिया गया। जिले में कोरोना संक्रमितों का कुल आंकड़ा अब 21968 हो गया है। हालांकि इनमें से 21554 ठीक भी हो चुके हैं। जिले में अब तक 377 लोगों की कोरोना से मृत्यु हो चुकी है। वहीं वर्तमान में कोरोना के केवल 37 सक्रिय मरीज हैं।

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