वाराणसी, जेएनएन। जनसेवा और समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले एक ग्राम प्रधान अपने ही ग्राम पंचायत का दुश्वमन हो गए हैं। कोरोना पॉजिटिव होने के बाद भी ग्राम प्रधान अपने ग्राम पंचायत क्षेत्र में रोज बैठक, चौपाल करने के साथ सम्मान समारोह में शामिल हो रहे हैं। इतना ही नहीं, कोरोना पॉजिटिव होने के बाद भी मतगणना स्थल पर होने के साथ प्रमाण पत्र लेकर बाहर निकले। वे कोरोना पॉजिटिव हैं यह हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि कमौली के ग्राम प्रधान चंद्रजीत की आई आरटीपीसीआर रिपोर्ट कह रही हैं। 28 अप्रैल को उन्होंने चिरईगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आरटीपीसीआर जांच कराई और 30 अप्रैल को रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इन्होंने मतगणना, ग्राम पंचायत क्षेत्र समेत अन्य क्षेत्र में कितने लोेगों को संक्रमित किया होगा इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है। 

वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण से पूरा विश्व जूझ रहा है। वैज्ञानिक और चिकित्सक कोरोना संक्रमण से बचने के लिए रास्ता खोज रहे हैं। कहीं कोई राहत नहीं मिल रही है। पंचायत चुनाव से ग्रामीण क्षेत्रों की हालत काफी बिगड़ गई है। कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण करने के लिए पूरा अमला गांवों में घर-घर दस्तक दे रहा है लेकिन इन सब से कमौली के नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान चंद्रजीत को कोई लेना-देना नहीं है। कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद भी लगातार वे ग्राम पंचायत क्षेत्र में बैठक, चौपाल और सम्मान समारोह में शिरकत कर रहे हैं।

ग्राम प्रधान को शासन-प्रशासन का तनिक भी डर नहीं है। कोविड नियमों की धज्जियां खुलेआम उड़ा रहे हैं। आश्चर्य इस बात का है कि पुलिस और ग्राम पंचायत के सेक्रेटरी जानने के बाद भी उन्हें टोक नहीं रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों ने सेक्रेटरी पर दबाव डालकर फोन कराया तो ग्राम प्रधान बोले हम घर पर हैं। कमौली के ग्राम प्रधान इंद्रजीत से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि लोग बेवजह बातें करते हैं। चिरईगांव चौकी प्रभारी का कहना है कि हम अवकाश पर है। ग्राम प्रधान कोरोना पॉजिटिव हैं, इसके बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है।