वाराणसी, जेएनएन। काशी में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था तो काफी हद तक सुधर गई हैं, लेकिन उपभोक्ताओं अब नई समस्या से परेशान हैं। अब उनको बिजली तो निर्बाध मिल रही है, लेकिन बिल करंट मार रहा है। मीटर एवं बिल में गड़बड़ी की दूर कराने के लिए उपभोक्ताओं को विद्युत उपकेंद्र एवं अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर काटना पड़ रहा है। वहीं स्थानीय स्तर पर कर्मचारी कुछ राशि लेकर सेटलमेंट की जुगाड़ लगा रहे हैं। उनके इस चंगुल में कई लोग फंस भी जा रहे हैं।

उपभोक्ताओं को समय पर बिजली का बिल पहुंचाने एवं बिजली चोरी करने के लिए शहर में करीब डेढ़ लाख स्मार्ट मीटर लगे हैं। लोगों का आरोप है कि जब से उनके यहां स्मार्ट मीटर लगा है तभी से उनका बिल अधिक आ रहा है। इसे लेकर वे विभाग में शिकायत भी कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। अमूमन स्‍मार्ट मीटर के बाद से ही अधिक बिल आने की समस्‍या उपभोक्‍ता कर रहे हैं। आए दिन समस्‍याओं काे लेकर उपभोक्‍ताओं की भीड़ बढ़ रही है मगर उसके सापेक्ष मामलों का निस्‍तारण नहीं हो पा रहा है। जिसकी वजह अधिकारियों की सुस्‍ती मानी जा रही है। उपभोक्‍ताओं के अनुसार समस्‍याओं का निस्‍तारण न कर अधिकारी टाल मटोल अधिक करते हैं जिसकी वजह से समस्‍याएं जस की तस बनी हुई हैं।

बड़ी पियरी मकान नंबर सीके 65-278 निवासी विकास कुमार पांडेय का कहना है कि पहले उनके यहां बिजली का बिल दो हजार रुपये तक ही आता था, लेकिन अब सात हजार रुपये तक आ रहा है। इसके लिए शिकायत की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। राधिका देवी का बिजली कनेक्शन नंबर 4222011000 है। उनका भी आरोप है कि पहले जहां उनके यहां दो हजार रुपये तक ही बिल आता था। अब उनका बिल साढ़े तीन हजार से अधिक आ रहा है।

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