खाने में इस्तेमाल होने वाले तेल, वेज-नानवेज के निशान, कैलोरी और सामग्री की उपभोक्ता कर सकते हैं जांच
काशी में उपभोक्ता अब होटल-रेस्तरां में भोजन की गुणवत्ता, सामग्री और एलर्जी संबंधी जानकारी FSSAI गाइडलाइन के तहत जांच सकते ...और पढ़ें
HighLights
उपभोक्ता FSSAI गाइडलाइन के तहत भोजन की गुणवत्ता जांचें।
होटल-रेस्तरां में सामग्री, कैलोरी, एलर्जी की जानकारी उपलब्ध।
मिलावट और प्रतिबंधित रंगों के प्रति सतर्क रहें उपभोक्ता।
शिवम सिंह, जागरण, वाराणसी। काशी में होटल-रेस्तरां में भोजन करने वाले उपभोक्ताओं के लिए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री की जानकारी महत्वपूर्ण हो गई है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की गाइडलाइन के तहत सुरक्षित भोजन और खाद्य पदार्थों की जानकारी को लेकर जागरूकता पर जोर दिया जा रहा है। उपभोक्ता अब भोजन में इस्तेमाल होने वाले तेल, शाकाहारी-मांसाहारी व्यंजनों के चिह्न, कैलोरी और सामग्री की जानकारी लेकर अपने स्वास्थ्य के अनुरूप भोजन का चयन कर सकते हैं।
गंगा किनारे बसे धार्मिक नगरी काशी में रोजाना हजारों श्रद्धालु और पर्यटक होटल, रेस्तरां तथा ढाबों में भोजन करते हैं। ऐसे में खाद्य सुरक्षा का मुद्दा और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। खासकर बाहर भोजन करते समय लोगों को केवल स्वाद और व्यंजनों की आकर्षक सजावट पर ध्यान देने के बजाय उसकी गुणवत्ता, सामग्री और स्वच्छता के बारे में भी जानकारी लेनी चाहिए।
प्रतिबंधित रंगों और रसायनों से रहें सतर्क
खाद्य पदार्थों को आकर्षक बनाने के लिए कुछ स्थानों पर प्रतिबंधित रंगों और सस्ते रसायनों के इस्तेमाल की आशंका बनी रहती है। ऐसे में अस्वाभाविक रूप से चमकदार लाल, पीले या हरे रंग वाले व्यंजनों को लेकर सतर्क रहना जरूरी है। हालांकि, केवल रंग देखकर किसी खाद्य पदार्थ को मिलावटी नहीं कहा जा सकता। इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होती है। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से भी प्रतिष्ठानों की नियमित जांच और नियमों का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है।
एलर्जी वाले लोग जरूर पूछें सामग्री
दूध, अंडा, मेवे, ग्लूटेन या समुद्री भोजन से एलर्जी वाले लोगों को खाना मंगाने से पहले वेटर से व्यंजन में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के बारे में स्पष्ट जानकारी लेनी चाहिए। भोजन तैयार करने के दौरान एलर्जी पैदा करने वाले तत्वों के दूसरे खाद्य पदार्थों के संपर्क में आने की आशंका भी रहती है। इसलिए गंभीर एलर्जी वाले लोगों को इस संबंध में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
छोटे ढाबों में जागरूकता की जरूरत
कई बड़े होटल और रेस्तरां अपने मेन्यू में व्यंजनों की सामग्री, कैलोरी और एलर्जी पैदा करने वाले तत्वों की जानकारी देने लगे हैं, लेकिन छोटे ढाबों और भोजनालयों में अभी जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। उपभोक्ताओं को शाकाहारी और मांसाहारी व्यंजनों के निर्धारित चिह्नों पर ध्यान देने के साथ ही इस्तेमाल होने वाले तेल और सामग्री के बारे में भी पूछना चाहिए।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता या स्वच्छता को लेकर संदेह होने पर ग्राहक रेस्तरां प्रबंधन से जानकारी मांग सकते हैं और जरूरत पड़ने पर खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत कर सकते हैं। काशी जैसे प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र में सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना होटल-रेस्तरां संचालकों की जिम्मेदारी है। वहीं, जागरूक उपभोक्ता बनकर लोग असुरक्षित भोजन और मिलावट से जुड़े जोखिमों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
