जागरण संवाददाता, वाराणसी। चितईपुर थाना क्षेत्र की मलियान बस्ती में मछली विक्रेता सुनीता व उसकी सहेली रीता को गोली मारकर घायल करने के आरोप में पुलिस ने शुक्रवार की सुबह मुख्य आरोपित समेत दो को कैंट माल गोदाम के पास से गिरफ्तार किया है। सुनीता को उसके बगल में मछली की दुकान लगाने वाली सीमा के बेटे ने इसलिए गोली मारी थी, क्योंकि मां से उसकी बिक्री बहुत ज्यादा होती थी। इसको लेकर वह रंजिश रखने लगा था। इसी वजह से उसने अपने दो दोस्तों के साथ वारदात को अंजाम देने की साजिश रची थी। आरोपितों की निशानदेही पर हृदयपुर अंडरपास के पास पत्थर के नीचे छुपाया गया वारदात में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा व दो कारतूस बरामद किए गए। इस मामले में एक अन्य आरोपित की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।

ये थी वारदात

गत 17 अक्टूबर की रात मछली विक्रेता सुनीता अपनी सहेली रीता के साथ चितईपुर - करौंदी मार्ग स्थित मलियान बस्ती स्थित अपने घर जा रही थी। उसी दौरान बाइक सवार दो बदमाशों ने दोनों पर गोली चलाई थी। फायरिंग में घायल दोनों महिलाओं को बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया था। प्रकरण को लेकर मलियान बस्ती निवासी मोहन सोनकर के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया था। चितईपुर थाना प्रभारी मिर्जा रिजवान बेग ने सर्विलांस व मुखबिरों की मदद से मुख्य आरोपित मोहन सोनकर व उसके दोस्त गाजीपुर के खानपुर थाना क्षेत्र के बहुरा गांव निवासी आकाश कुमार को उस समय दबोच लिया, जब दोनों कही भागने के फिराक में स्टेशन जा रहे थे। पुलिस उनके एक अन्य साथी आशीष कुमार की तलाश कर रही है।

गाजीपुर में खरीदा तमंचा व कारतूस

पूछताछ में मुख्य आरोपित मोहन ने पुलिस को बताया कि सुनीता की दुकान के पड़ोस में ही उसकी मां सीमा मछली बेचती है। उसकी दुकान से ज्यादा बिक्री सुनीता करती है। यह उसे नागवार लगता था। उसे पता था कि सुनीता रात कब घर आती है। इसी वजह से उसने अपने दोस्त आकाश व आशीष के साथ महिला को ठिकाने लगाने की साजिश रची। इसके बाद गाजीपुर से 15 हजार रुपये में तमंचा व कारतूस खरीदा।

दोस्त से दवा लाने के बहाने ली थी बाइक

मोहन ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के लिए उसने अपने दोस्त विकास गौड़ से दवा लाने की बहानेबाजी कर उसकी पल्सर बाइक मांगी थी। बाइक आकाश चला रहा था, जबकि वह पीछे बैठा था। तीसरा आरोपित आशीष करीब एक सौ मीटर दूरी पर सहयोग करने के लिए खड़ा था। उसे विश्वास था कि दोनों की मौत हो जाएगी, लेकिन जाने कैसे वे बच गईं। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में सुंदरपुर चौकी प्रभारी विनय कुमार तिवारी, उपनिरीक्षक सौरभ आर्य, अमित कुमार राय, सतीश कुमार यादव आदि शामिल थे।

Edited By: Saurabh Chakravarty