गाजीपुर, जेएनएन। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने शनिवार की सुबह प्रदर्शन कर रहे युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच जमकर झड़प हुई। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प के बीच पुलिस ने लाठी फटकार कर विरोध कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर काबू पाया। वहीं विवाद होने के बाद पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। जिला जेल में बंद दस सत्याग्रहियों की रिहाई की मांग को लेकर शनिवार को भूख हड़ताल करने जा रहे युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने सिर्फ बीच में ही रोक कर दिया, बल्कि लाठीचार्ज कर जमकर उनकी पिटाई भी कर दी। इस दौरान 11 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया गया। 

नागरिक पदयात्रा पर निकले दस सत्याग्रहियों की गिरफ्तारी का मामला धीरे-धीरे तुल पकड़ता जा रहा है। इनकी रिहाई के लिए प्रशासन द्वारा जो प्रस्ताव रखा गया है यह और भी हैरान करने वाला है। इसी को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में काफी आक्रोशित हैं। शुक्रवार को करीब दर्जन भर कार्यकर्ता काली पट्टी बांधकर मौन जुलूस निकाला। वह सरजू पांडेय पार्क में भूख हड़ताल पर बैठने जा रहे थे। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक कार्यालय के बाहर भारी संख्या में पुलिस फाेर्स की तैनाती कर दी गई। कार्यकर्ता जब यहां पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। पुलिसकर्मी और कार्यकर्ताओं के बीच वार्ता चल ही रही थी कि अचानक तीखी नोकझोक होने लगी। इस पर कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करने लगे। तभी पुलिस ने लाठी भांजते हुए कार्यकर्ताओं की जमक पिटाई कर दी। इसके बाद जेपी यादव, पंकज उपाध्याय, माधव कृष्ण, फरार अंसारी, विपिन मिश्रा, विकास सिंह, वसीम अंसारी सहित 11 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दी। 

डीएम-एसपी से मिला कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल

यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठी चार्ज की सूचना मिलते ही कांग्रेस नेता काफी आक्रोशित हो गए। जिला कार्यालय पर बैठक करने के पश्चात पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल डीएम-एसपी से मिला। हिरासत में लिए गए सभी कार्यकर्ताओं की तुरंत रिहाई की मांग की। 

छात्र नेताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी

स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्रनेताओं ने लाठी चार्ज की निंदा करते हुए पुलिस प्रशासन को चेताया कि हिरासत में लिए गए छात्रनेताओं की जल्द रिहाई नहीं होती है तो हम उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। छात्रसंघ अध्यक्ष अनुज कुमार भारती, महामंत्री प्रवीण विश्वकर्मा, पुस्तकालय मंत्री प्रवीण विश्वकर्मा आदि थे।

दरअसल गोरखपुर से वाराणसी के बीच पदयात्रा करने वाले कई लोगों को हिरासत में लेकर जेल भेजने को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता शनिवार को सुबह प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि जेल में बंद सत्याग्रहियों की रिहाई की जाए। जेल में आंदोलन कर रहे लोगों के समर्थन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शनिवार की सुबह प्रदर्शन शुरू किया तो कांग्रेस कार्यकर्ताओं को काबू करने के लिए पुलिस को बल प्रयाेग भी करना पड़ा।

दरअसल पिछले 11 फरवरी को पदयात्रा कर रहे 10 सत्याग्रहियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद जेल में भूख हड़ताल शुरू करने की जानकारी बाहर आने पर सियासी उबाल का दौर शुरू हो गया। इसी कड़ी में शनिवार की सुबह कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जेल भेजे गए लोगों को छोड़ने को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इसके बाद सुरक्षा कारणों से पुलिस ने लाठी फटकार कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को विरोध प्रदर्शन से रोकने का प्रयास किया तो झड़प शुरू हो गई। इसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए कांग्रेसियों को हिरासत में ले लिया।

-जिले की पुलिस इस समय अंग्रेजों की पुलिस जैसा बर्ताव कर रही है। युथ कार्यकर्ता शांति से उपवास पर बैठने जा रहे थे, पुलिस ने लाठी चार्ज करते हुए बर्बरता पूवर्क उनकी पिटाई कर दी। जबकि युथ कार्यकर्ताओं ने पहले से ही जिले के आलाधिकारियों को इसकी सूचना दिए थे। - सुनील राम, कांग्रेस जिलाध्यक्ष।

-जिले में धारा 144 लागू है। सभी को इसकी प्रतियां दिखाते हुए समझाने का बहुत प्रयास किया गया। लेकिन वह माने नहीं। सड़क जाम करने लगे और पुलिसकर्मियों के साथ नोकझोक शुरू कर दिए। इनको काबू करने हलका बल प्रयोग करते हुए सभी को हिरासत में लेकर 151 के तहत कार्रवाई की गई। - ओजस्वी चावला, सीओ सिटी।

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