राहुल गांधी के खिलाफ एफआइआर के विरोध में कांग्रेसी आंदोलित, काशी की प्रतिरोध पदयात्रा में भारी पुलिस बल तैनात
कांग्रेस ने राहुल गांधी के खिलाफ हल्द्वानी में दर्ज एफआईआर के विरोध में वाराणसी में एक प्रतिरोध पदयात्रा निकाली। कार्यकर्ताओं ...और पढ़ें

राहुल गांधी एफआईआर के विरोध में वाराणसी में कांग्रेस की प्रतिरोध पदयात्रा।
HighLights
राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर पर कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन।
वाराणसी में प्रतिरोध पदयात्रा, सुरक्षा के व्यापक इंतजाम।
कांग्रेस ने एफआईआर को राजनीतिक प्रतिशोध बताया।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। उत्तराखंड के हल्द्वानी में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त कराने की मांग को लेकर मंगलवार को वाराणसी में जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में एक प्रभावशाली प्रतिरोध पदयात्रा का आयोजन किया गया। यह पदयात्रा जैतपुरा थाने के निकट स्थित मां बागेश्वरी देवी मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर मैदागिन स्थित टाउनहाल गांधी प्रतिमा तक गई। पुलिस प्रशासन ने इस दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
पदयात्रा में कांग्रेस के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक बड़ी संख्या में शामिल हुए। हाथों में कांग्रेस के झंडे और तख्तियां लिए कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की। इस दौरान भाजपा सरकार के खिलाफ भी जोरदार नारेबाजी की गई।
पदयात्रा का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल और महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे ने किया। दोनों नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी उन करोड़ों लोगों की आवाज हैं, जिन्हें लंबे समय से सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय से वंचित रखा गया है। जब भी वे दलित, पिछड़े, आदिवासी, गरीब और वंचित समाज के अधिकारों की बात करते हैं, भाजपा सरकार और उसके नेता उन्हें डराने और उनकी आवाज दबाने का प्रयास करते हैं।
महानगर अध्यक्ष राघवेन्द्र चौबे ने कहा कि भाजपा ध्यान भटकाने के लिए राहुल गांधी पर मुकदमे दर्ज कराती है, लेकिन राहुल गांधी बिना डरे सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा के पास राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों का कोई जवाब नहीं है, इसलिए वे एफआईआर, नोटिस और राजनीतिक बयानबाजी के जरिए जनता का ध्यान वास्तविक मुद्दों से हटाने का प्रयास कर रहे हैं।
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं की शिकायत पर तुरंत एफआईआर दर्ज हो जाती है, लेकिन कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के अपमान से जुड़े मामले में 20 दिन बीत जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। यह स्थिति स्पष्ट करती है कि भाजपा सरकार कानून को राजनीतिक सुविधा के अनुसार लागू कर रही है।
कांग्रेस नेताओं ने उत्तराखंड में खड़गे की रैली के बाद रैली स्थल के कथित शुद्धिकरण की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भाजपा और आरएसएस की दलित विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि देश आज संविधान के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है, जहां हर नागरिक को समान सम्मान और अधिकार प्राप्त हैं। ऐसे में किसी दलित नेता की मौजूदगी के बाद किसी स्थान का शुद्धिकरण कराना सामाजिक समानता के खिलाफ है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भाजपा का समाज के वास्तविक सरोकारों से कोई लेना-देना नहीं है। वह बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याओं और सामाजिक असमानता जैसे मुद्दों पर जवाब देने के बजाय जाति और धर्म के नाम पर समाज को बांटने का काम कर रही है।
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। पदयात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगाए और सामाजिक न्याय, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प दोहराया।कांग्रेस पार्टी किसी भी प्रकार के राजनीतिक दमन के सामने झुकने वाली नहीं है और जनता की आवाज को दबाने की कोशिशों का विरोध करती रहेगी।
