वाराणसी : पेट्रोल-डीजल की महंगाई के विरोध में प्रस्तावित भारत बंद के तहत जिले में भी गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस की ओर से बंद को सफल बनाने के लिए कमर कसी जा रही है। वहीं कई व्यापार मंडलों की ओर से भी बैठक कर शनिवार को बंद को समर्थन दिया जा रहा है।

जिला काग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा व शहर काग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सीताराम केशरी ने कहा कि सोमवार को अखिल भारतीय काग्रेस कमेटी के आह्वान पर पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस के मूल्य में बेतहाशा वृद्धि के विरोध में भारत बंद का आह्वान किया गया है। इसी परिप्रेक्ष्य में शनिवार को वाराणसी के प्रमुख व्यापार मंडलों के प्रतिनिधियों से भारत बंद के संदर्भ में पूर्ण समर्थन का आश्वासन भी मिला है। रविवार को मैदागिन स्थित काग्रेस कार्यालय में भारत बंद के लिए तैयारी बैठक आहूत की गई है। इसमें राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी उपस्थित रहेंगी। भारत बंद के समर्थन में यूथ काग्रेस, सेवादल और एनएसयूआइ के कार्यकर्ता मलदहिया स्थित सरदार पटेल की प्रतिमां से साईकिल मार्च निकालकर लहुराबीर, कबीरचौरा, मैदागिन, चौक, गोदौलिया, नई सड़क होते हुए लहुराबीर पर समाप्त होगा। साईकिल यात्रा को राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी रवाना करेंगी। व्यापारी समाज एकजुट होकर दिखाएं अपनी एकता

पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस की लगातार बढ़ती कीमतों से हर तबका परेशान है। कीमत पर नियंत्रण करने में विफल केंद्र सरकार की नीतियों और पेट्रोल व डीजल के दाम में लगी आग के विरोध में वाराणसी व्यापार मंडल ने 10 सितंबर को बंद का आह्वान किया है। संगठन ने कहा है कि वक्त आ गया है कि व्यापारी समाज अपने प्रतिष्ठान, शोरूम और आढ़त बंद कर अपनी एकता प्रदर्शित करें।

गाधी नगर, सिगरा स्थित संगठन कार्यालय में शनिवार को हुई बैठक में बैठक में शिवप्रकाश, एसएस बलल, सन्नी जौहर, रमेश निरंकारी, सुशील लखमानी, जय निहलानी, मनीष गुप्ता, संजय गुप्ता, विकास गुप्ता, जित्तन चौधरी, कविंद्र जायसवाल, अशफाक ने कहा कि पेट्रोल और डीजल के दाम में बेतहासा हो रही वृद्धि से आम जनता और व्यापारी परेशान है। माल भाड़ा बढ़ने से खाद्य वस्तुओं समेत तमाम अन्य उत्पादों के दाम भी बढ़ने लगे हैं। पहले से ही बदहाल चल रहे कुटीर उद्योग आज बंदी के कगार पर पहुंच गए हैं। कई कुटीर उद्यमियों ने उत्पादन घटा दिया है। अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष अजीत सिंह बग्गा ने कहा कि केंद्र सरकार ने रोजाना दाम बढ़ाने का फैसला करते हुए ऑयल कंपनियों को इसकी जिम्मेदारी सौंप दी थी। ऑयल कंपनिया अपना मुनाफा बढ़ाने के लिए आम जनता और व्यापारियों के पॉकेट पर डाका डालने लगीं। केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम पर नियंत्रण करने का कोई ठोस उपाय नहीं किया। केंद्र सरकार की लापरवाही के चलते आज समूचा समाज महंगाई की आग में झुलस रहा है। ऐसे में आदोलन के सिवाय और कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। ऐसे में समस्त व्यापार संगठन आपसी मतभेद भुलाकर जनहित में आयोजित वाराणसी बंद को सफल बनाने की अपील की है।

Posted By: Jagran