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पद्मश्री डॉ. टीके लहरी के साथ दुर्व्यवहार के बाद अजय राय के निर्देश पर बीएचयू पहुंचकर महानगर अध्यक्ष ने जाना हाल, उठाए गंभीर सवाल

By Digital Desk Edited By: Abhishek sharma
Published: Sun, 06 Sep 2026 04:53 PM (IST)

बीएचयू में पद्मश्री डॉ. टीके लहरी के साथ आईसीयू में दुर्व्यवहार और मारपीट के आरोप के बाद कांग्रेस ने गंभीर ...और पढ़ें

पद्मश्री डॉ टीके लहरी के साथ दुर्व्यवहार पर कांग्रेस ने उठाए सवाल बीएचयू में सुरक्षा पर चिंता।

पद्मश्री डॉ टीके लहरी के साथ दुर्व्यवहार पर कांग्रेस ने उठाए सवाल बीएचयू में सुरक्षा पर चिंता।

HighLights

  1. पद्मश्री डॉ. टीके लहरी के साथ आईसीयू में दुर्व्यवहार का आरोप।

  2. कांग्रेस ने बीएचयू की कार्यप्रणाली और सुरक्षा पर सवाल उठाए।

  3. निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग।

जागरणा संवाददाता, वाराणसी। बीएचयू के वरिष्ठ चिकित्सक एवं पद्मश्री से सम्मानित डॉ. टीके लहरी के साथ आईसीयू में गाली-गलौज और थप्पड़ मारने की घटना को लेकर कांग्रेस ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इस मामले में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय के निर्देश पर महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे रविवार को बीएचयू पहुंचे और डॉ. लहरी के स्वास्थ्य की जानकारी ली।

उन्होंने चिकित्सकों से बातचीत कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। डॉ. टीके लाहिरी के परिजनों ने आरोप लगाया है कि आईसीयू में भर्ती 85 वर्षीय डॉ. लहरी के साथ एक एसोसिएट प्रोफेसर द्वारा कथित रूप से गाली-गलौज की गई और थप्पड़ मारा गया। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद डॉ. लहरी के चेहरे पर चोट के निशान भी दिखाई दिए।

इस मामले ने बीएचयू जैसे देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा एवं शैक्षणिक संस्थान की कार्यप्रणाली और वरिष्ठ चिकित्सक की सुरक्षा को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि डॉ. टीके लहरी कोई सामान्य व्यक्ति नहीं हैं। वह बीएचयू के वरिष्ठ एवं प्रतिष्ठित चिकित्सक रहे हैं और चिकित्सा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें देश के प्रतिष्ठित पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया गया है।

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कहा क‍ि उन्होंने लंबे समय तक बीएचयू की सेवा की और हजारों मरीजों का उपचार किया। ऐसे व्यक्ति के साथ यदि गाली-गलौज और मारपीट जैसी घटना होती है, तो यह केवल एक व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार का मामला नहीं, बल्कि चिकित्सा और शिक्षा की गरिमा तथा मानवीय संवेदनाओं पर भी गंभीर सवाल है। वाराणसी के सांसद नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं। केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के बावजूद बीएचयू जैसे संस्थान में पद्मश्री से सम्मानित वरिष्ठ चिकित्सक के साथ इस तरह की घटना सामने आना अत्यंत चिंताजनक है।

सरकार लगातार देश में विश्वस्तरीय संस्थानों और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था की बात करती है, लेकिन यदि बीएचयू जैसे संस्थान के आईसीयू में भर्ती एक 85 वर्षीय पद्मश्री सम्मानित वरिष्ठ चिकित्सक की सुरक्षा और सम्मान तक सुनिश्चित नहीं किया जा सकता, तो सरकार के तमाम दावों पर सवाल उठना स्वाभाविक है। काशी की जनता यह जानना चाहती है कि आखिर बीएचयू में वरिष्ठ चिकित्सकों और मरीजों की सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्था है?

यदि परिजनों के आरोप सही हैं तो इतनी गंभीर घटना आईसीयू जैसी संवेदनशील जगह पर कैसे हुई और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हुई? पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच जरूरी है। जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी वरिष्ठ चिकित्सक, मरीज या उनके परिजनों के साथ इस प्रकार के व्यवहार की पुनरावृत्ति न हो।

बताया क‍ि बीएचयू केवल एक विश्वविद्यालय नहीं बल्कि काशी और देश की प्रतिष्ठा से जुड़ा संस्थान है। यहां पढ़ने और इलाज कराने के लिए देशभर से लोग आते हैं। ऐसे संस्थान में अनुशासन, संवेदनशीलता, वरिष्ठ चिकित्सकों का सम्मान और मरीजों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सरकार को केवल बड़े-बड़े दावे और प्रचार करने के बजाय जमीन पर संस्थानों की व्यवस्था और जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए। मौके पर महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, महानगर अध्यक्ष युवा कांग्रेस चंचल शर्मा, रोहित दुबे, प्रिंस चौबे, आयुष पटेल उपस्थित रहे।

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