वाराणसी, जागरण संवाददाता। कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैेट) के परीक्षार्थियों को सामान्य ज्ञान ने उलझाया। वहीं में कुछ परीक्षार्थियों को पैसेज हल करने में पसीने छूट गए। पेपर आसान लगा होने के बावजूद लंबा होने के कारण कई परीक्षार्थियों का टाइम मैनेजमेंट फेल गया है। आते हुए सवाल भी उन्हें छोडऩा पड़ा।

देशभर के 22 राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में विधि के यूजी-पीजी में दाखिले के शुक्रवार को दोपहर दो बजे से शाम चार बजे क्लैट की परीक्षा हुई। जनपद में 1134 परीक्षाॢथयों के लिए एक मात्र महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ को केंद्र बनाया गया गया था। दो घंटे की परीक्षा में 150 प्रश्नों का उत्तर देना था। इसमें 30 प्रश्न अंग्रेजी भाषा, सामान्य ज्ञान के 35, लीगल व लाजिकल, क्वांटिटेटिव संबंधी प्रश्न पूछे गए थे। परीक्षार्थियों का कहना था कि सामान्य ज्ञान में पर्यावरण व कोरोना से जुड़े अधिक प्रश्न थे। परीक्षा में माइनस मार्किंग होने के कारण परीक्षार्थियों ने औसत 100 प्रश्नों का जवाब दिया। सहायक कुलसचिव डा. महेश प्रसाद श्रीवास्तव ने बताया कि परीक्षा में पंजीकृत 1134 परीक्षार्थियों में से 82 परीक्षार्थी गैरहाजिर रहे। इस प्रकार परीक्षाथियों की 92.76 फीसद उपस्थिति रही।

कोविड प्रोटोकाल के संग हुई परीक्षा

क्लैट की परीक्षा कोविड प्रोटोकाल के संग हुई। थर्मल स्कैनिंग के बाद परीक्षार्थियों केंद्र में प्रवेश करने की अनुमति दी जा रही थी। वहीं फेस मास्क भी अनिवार्य किया गया था।

शुचितापूर्वक परीक्षा कराने का निर्देश

समूह ग में होने वाली नियुक्तियों के लिए प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पेट अर्थात पीईटी) 20 अगस्त को दो पालियों में होगी। वाराणसी मंडल में 114,200 अभ्यथियों के लिए 232 केंद्र प्रस्तावित है। परीक्षाओं की तैयारियों को लेेकर शुक्रवार को आयोजित आनलाइन समीक्षा बैठक में शुचिता पूर्वक परीक्षा कराने का निर्देश दिया गया है। बैठक में जेडी प्रदीप कुमार व डीआइओएस विनोद कुमार राय भी शामिल थे। काशी विद्यापीठ और चंद्रशेखर आजाद के बीच अटूट रिश्ता जागरण संवाददाता, वाराणसी : महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की विरासत पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री, टीएन सिंह, रामकृष्ण हेगड़े, कलराज मिश्र जैसे महान व्यक्तित्व से भरी हुई है लेकिन जैसे ही चंद्रशेखर आजाद का नाम आता है तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं क्योंकि चंद्रशेखर आजाद और महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के बीच में एक गहरा और अटूट रिश्ता है। चंद्रशेखर आजादी की 115वी जयंती पर शुक्रवार महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के आयोजित समारोह में ये बातें कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने चंद्र शेखर आजाद की जयंती के अवसर पर कहीं।

 

Edited By: Saurabh Chakravarty