वाराणसी, जेएनएन। वाणिज्य कर विभाग अब कर चोरी करने पकड़ने के लिए प्यार का रास्ता अख्तियार करेगा। व्यापारियों से कर चोरी का सच उगलवाने के लिए विभाग पहले व्यापारियों को अपने विश्वास में लेगा। कोई कार्रवाई नहीं होने की शर्त पर व्यापारी अपना सही आय और जीएसटी के किस श्रेणी में आता है, वह विभागीय अधिकारियों को बताएगा।

विभाग को उम्मीद है कि इस योजना से जीएसटी राजस्व में वृद्धि होगी साथ ही अधिक से अधिक व्यापारी जीएसटी के दायरे में आएंगे। वाणिज्य कर विभाग के सूत्रों के मुताबिक शासन के निर्देश पर व्यापारियों से इस अनूठे तरीके से सत्यापन किया जा रहा है। जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। डेढ़ करोड़ तक वार्षिक टर्नओवर वाले व्यापारियों को समाधान स्कीम में पंजीकृत होने का विकल्प दिया गया है।

इसमें व्यापारियों को मात्र एक फीसदी टैक्स देना होता है। वाणिज्य कर विभाग को अनुमान है कि व्यापारियों ने गलत विवरण प्रस्तुत करके समाधान स्कीम में पंजीकरण कराया है। जिससे कर चोरी हो रही है। 40 लाख तक वार्षिक टर्नओवर में व्यापारियों को जीएसटी नहीं देना होता है। कुछ व्यापारी खुद को इस स्लैब में दिखा रहे हैं। जबकि उनका टर्नओवर इससे कहीं अधिक है।

विभाग ने व्यापारियों से कहा है कि इस सर्वे में किसी को कोई नोटिस नहीं दी जाएगी और ना ही कोई कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विभाग टीमों का गठन कर रहा है। जो प्रतिष्ठानों पर पहुंचकर वार्षिक टर्नओवर का सत्यापन करेंगे। इधर व्यापारी भी सत्यापन को लेकर अपना बही खाता सही करने में जुटे हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार समाधान स्कीम का गलत ढंग से लाभ लेने वाले व्यापारियों पर विभाग इसी रिकॉर्ड के आधार पर कड़ा रूख अख्तियार करेगा।

Edited By: Abhishek Sharma