बलिया, जागरण संवाददाता। खेतों में फसलों के अवशेष जलाए जाने से हो रहे प्रदूषण की रोकथाम को लेकर प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। जिलाधिकारी अदिति सिंह ने चेतावनी जारी किया है। उन्होंने कंबाईन हारवेस्टर स्वामियों को पत्र लिखा है। कहा है कि फसल कटाई के दौरान प्रयोग की जाने वाली कंबाइन हारवेस्टर के साथ सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम और स्ट्रा रीपर या स्ट्रारेक व वेलर अथवा अन्य कोई फसल अवशेष प्रबंधन यंत्र का उपयोग किया जाना अनिवार्य होगा।

व्यवस्था बगैर जनपद में कोई भी कंबाइन हारवेस्टर से कटाई करने की अनुमति नहीं होगी। डीएम के आदेश के बाद कंबाईन स्वामियों में अफरा-तफरी मच गई है। जिलाधिकारी ने चेताया कि यदि कोई भी कंबाईन हारवेस्टर सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम अथवा स्ट्रा रीपर, स्ट्रारेक एवं वेलर या अन्य कोई फसल अवशेष प्रबंधन यंत्रों मल्चर, पैडी स्ट्रा चापर, श्रब मास्टर, रोटरी स्लेसर, रिवरसेबल और एमबी प्लाऊ आदि के बगैर चलता हुआ पाया जाएगा तो उसे तत्काल सीज कर लिया जाएगा। साथ ही कंबाईन हारवेस्टर मालिक के स्वयं के खर्चे पर सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम लगवा कर ही छोडा जाएगा। निर्देश का अनुपालन न करने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

खेतों में नहीं जलेंगे अवशेष : खेतों में अब कोई भी अवशेष नहीं जलेंगे, इस बाबत धान की फसल तैयार होने से पूर्व ही अधिकारी मोर्चा संभाल चुके हैं। पर्यावरण प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन अब खेतों में पराली जलाने के लिए सक्रियता के साथ रोकने की तैयारी में है। पूर्व में भी खेतों में अवशेष जलाने की घटना सामने आने के बाद किसानों पर कार्रवाई की गई थी।  

बोले कृषि अधिकारी : कंबाइन हारवेस्टर में फसल अवशेष प्रबंधन यंत्रों का लगा होना जरूरी है, इसके बगैर यदि कोई भी हारवेस्टर चलता हुआ पाया जाता है, तो उसे सीज कर दिया जाएगा। साथ ही मालिक के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। - रमाकांत, एडीओ कृषि, नगरा।

Edited By: Abhishek Sharma