वाराणसी में रेबीज के संक्रमण से बच्ची की मौत, एक माह तक उपचार के बाद भी नहीं बचाई जा सकी जान
वाराणसी के लोहता क्षेत्र में आवारा कुत्ते के काटने से सात वर्षीय बच्ची सायबा की रेबीज संक्रमण से मौत हो ...और पढ़ें

वाराणसी में आवारा कुत्ते के हमले से चार वर्षीय बच्ची की रेबीज से मौत, प्रशासन पर उठे सवाल।
HighLights
वाराणसी में आवारा कुत्ते के काटने से बच्ची सायबा की मौत।
रेबीज संक्रमण के कारण एक माह बाद इलाज के दौरान निधन।
क्षेत्र में आवारा कुत्तों के आतंक पर प्रशासन से कार्रवाई की मांग।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। लोहता क्षेत्र के बनकट फाटक के पास आवारा कुत्ते के काटने के बाद सात वर्षीय बच्ची सायबा की रेबीज संक्रमण से इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, 22 अगस्त को सायबा घर के बाहर खेल रही थी, तभी एक आवारा कुत्ते ने अचानक उस पर हमला कर दिया।
लोहता थाना क्षेत्र के अकेलवा बनकट फाटक इलाके में बनकट निवासी शोएब खान की पुत्री सायबा (7) की मौत के बाद परिजनों में मातम पसरा हुआ है। जबकि मोहल्ले में रेबीज संक्रमित कुत्ते की वजह से बच्ची की मौत के बाद लोगों में चिंंता का माहौल है।
परिजनों ने बताया कि कुत्ते ने उसे जमीन पर घसीटते हुए चेहरे, आंख और शरीर के कई हिस्सों पर गंभीर चोटें पहुंचाई। स्थानीय लोगों और स्वजनों ने तुरंत बच्ची को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन प्राथमिक उपचार के बावजूद उसकी हालत बिगड़ती गई। अंततः एक माह बाद रेबीज संक्रमण के कारण उसकी मौत हो गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार बनकट फाटक और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों की संख्या तेजी से बढ़ी है। गलियों, चौराहों और घरों के आसपास कुत्तों के झुंड अक्सर देखे जाते हैं, जिससे छोटे बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को भारी परेशानी हो रही है। कई लोगों ने बच्चों पर कुत्तों के हमलों की शिकायतें की थीं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।
इस घटना ने क्षेत्र में आवारा कुत्तों के आतंक को उजागर किया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि प्रशासन को इस समस्या का समाधान करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। बच्ची की मौत ने सभी को झकझोर दिया है और अब लोग अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
इस घटना के प्रशासन को आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग भी नागरिकों ने की है। बच्ची की मौत ने न केवल उसके परिवार को बल्कि पूरे समुदाय को गहरे सदमे में डाल दिया है। यह घटना एक गंभीर मुद्दे की ओर इशारा करती है, जो कि आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक और उनकी सुरक्षा के प्रति लापरवाही को दर्शाती है।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से अपील की है कि वे इस समस्या का समाधान करें और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आवारा कुत्तों के खिलाफ ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में किसी और बच्चे को ऐसी दुखद स्थिति का सामना न करना पड़े।
