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एसआईटी से क्लीन चिट के बाद काशी पहुंचे चंपत राय, कहा- 'काशी ज्ञान और प्रकाश देने वाली नगरी'

By Pradyuman Pandey RamuEdited By: Abhishek sharma
Published: Sat, 12 Sep 2026 05:42 PM (IST)

एसआईटी से क्लीन चिट मिलने के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने काशी ...और पढ़ें

एसआईटी से क्लीन चिट के बाद चंपत राय काशी पहुंचे, बताया 'ज्ञान और प्रकाश की नगरी'!

एसआईटी से क्लीन चिट के बाद चंपत राय काशी पहुंचे, बताया 'ज्ञान और प्रकाश की नगरी'!

HighLights

  1. चंपत राय को एसआईटी से क्लीन चिट मिली।

  2. उन्होंने काशी को ज्ञान और प्रकाश देने वाली नगरी बताया।

  3. मणिकर्णिका घाट स्थित नरसिंह मठ में दर्शन-पूजन किया।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने शनिवार को एसआईटी से क्लीन चिट मिलने के बाद काशी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने इस आध्यात्मिक नगरी को ज्ञान और प्रकाश देने वाली बताया। अयोध्या से काशी पहुंचे चंपत राय ने सबसे पहले मणिकर्णिका घाट स्थित सिद्ध पीठ नरसिंह मठ में योगीराज स्वामी नरसिंह भारती महाराज की जीवित समाधि का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दर्शन-पूजन किया।

इसके बाद उन्होंने श्री कोलाहल नरसिंह भगवान, श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान पूजित भगवान राम की प्रतिमा, श्री त्रिकोटेश्वर महादेव और संत ज्ञानेश्वर जी की पूजा-अर्चना की। काशी की गलियों में भ्रमण करते हुए उन्होंने कहा कि यह परम सुख देने वाली आध्यात्मिक नगरी है। यहां वेद मंत्रों की ध्वनि और सिद्ध संतों का दर्शन सौभाग्य से मिलता है। ऐसे पवित्र स्थान पर आना सुखद आनंद की अनुभूति कराता है।

इस अवसर पर उनके साथ विजय चौधरी, विकास मेहरा, सुरेश जयसवाल, परशुराम उपाध्याय, समर्थ केसरी, सौरभ, रामकृष्ण गुप्ता, अधिवक्ता अनुपम खन्ना सहित कई लोग उपस्थित रहे। सिद्ध पीठ पर ज्योतिषाचार्य बिट्टू झा, नितिन शुक्ला, अभिनव दुबे, अनंत जोशी समेत अन्य ने उनका स्वागत किया।

चंपत राय ने कहा कि काशी का महत्व केवल धार्मिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से भी अत्यधिक है। उन्होंने कहा कि काशी में आकर व्यक्ति को आत्मिक शांति और ज्ञान की प्राप्ति होती है। यह नगरी न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि यह ज्ञान और संस्कृति का भी प्रतीक है। उन्होंने आगे कहा कि काशी में आकर व्यक्ति को अपने भीतर की ऊर्जा को पहचानने का अवसर मिलता है। यहां की गलियों में चलने से एक अद्भुत अनुभव होता है, जो व्यक्ति को आध्यात्मिक रूप से समृद्ध करता है।

चंपत राय ने कहा कि काशी की पहचान केवल धार्मिक स्थलों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा स्थान है जहां विभिन्न संस्कृतियों का संगम होता है। उन्होंने कहा कि काशी में आने वाले श्रद्धालुओं को यहां की संस्कृति और परंपराओं का अनुभव करना चाहिए। इस दौरान चंपत राय ने काशी के विकास के लिए भी अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि काशी को और अधिक विकसित करने की आवश्यकता है ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।