वाराणसी, जेएनएन। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कुटुंब प्रबोधन के अखिल भारतीय सहसंयोजक डा. रवींद्र जोशी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में परिवार की अवधारणा सहनशीलता, संयम व सहयोग पर आधारित है। हमें आदर्श परिवार की अवधारणा को पश्चिमी विचारों के परिप्रेक्ष्य में नहीं देखना चाहिए।

डा. जोशी विश्व संवाद केंद्र की ओर से आयोजित तीन दिवसीय मंगल संदेश वेबिनार को दूसरे दिन मंगलवार को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि हमें कलह मुक्त और आनंदयुक्त परिवार चाहिए तो वास्तविक समाज पर आभासीय समाज को हावी नहीं होने देना चाहिए। परिवार मनुष्य को मनोवैज्ञानिक सुरक्षा देता है। मनुष्य की पहली पाठशाला ही परिवार है। इसलिए भी परस्पर सहयोग की भावना को बनाए रखना चाहिए। प्रतिभागियों का स्वागत केंद्र प्रभारी अंबरीष, विषय प्रवर्तन दैनिक जागरण के वरिष्ठ समाचार संपादक मुकेश कुमार और आभार न्यास सचिव प्रदीप कुमार ने किया। डा. वीरेंद्र जायसवाल, अंगराज सिंह, नरेंद्र सिंह, मुरारजी त्रिपाठी, डा. शुकदेव त्रिपाठी, प्रो. बिशन किशोर, प्रो. ओम प्रकाश सिंह, डा. अत्रि भारद्वाज, डा. अंकुर चड्ढा, डा. हेमंत गुप्ता आदि थेे। इवेंट प्रबंधन मनीष सिंह और तकनीकी सहयोग अमित गुप्ता व वसु पाठक ने किया। समापन में बुधवार को आर्ट आफ लिविंग के संस्थापक श्रीश्री रविशंकर होंगे। भाजपा की ऑनलाइन मंडलीय बैठक एक से

भाजपा एक से सात जून तक मंडलों में ऑनलाइन बैठक  करेगी। काशी क्षेत्र के अध्यक्ष महेश चंद श्रीवास्तव ने बताया कि इस अवधि में क्षेत्र के 16 संगठनात्मक जिलों के 337 मंडलों में बैठक की योजना है। इसकी जिम्मेदारी मंडल प्रभारियों को सौंपी गई है। इसमें मंडल के पदाधिकारी, सेक्टर संयोजक व  प्रभारी, मंडल के मोर्चों के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, जिला अध्यक्ष और प्रभारी मुख्य रूप से भाग लेंगे। ऑनलाइन बैठक सुबह 11 बजे से शुरू होगी।

Posted By: Saurabh Chakravarty

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