मऊ, जेएनएन। यूपी बोर्ड की 12वीं का भौतिकी का पर्चा ताजपुर उस्मानपुर पिपरीडीह स्थित एक विद्यालय से आउट हुआ था, वह भी सीसीटीवी कैमरा आफ करके। इस पूरे मामले की जांच कर रही पुलिस ने इस मामले में विद्यालय के आरोपित प्रबंधक को गिरफ्तार भी कर लिया है।जांच टीम को 19 फरवरी यानि परीक्षा के एक दिन पूर्व विद्यालय का सीसीटीवी कैमरा भी आफ मिला। उस दिन की कोई फुटेज जांच दल के हाथ नहीं लगी।

जिले में 20 फरवरी की सुबह ही दोपहर की पाली में होने वाली भौतिक विज्ञान की परीक्षा के प्रश्न पत्र का हल वायरल हो गया। तीन सेटों में वायरल हल प्रश्नपत्रों के संज्ञान में आते ही प्रशासन तत्काल सक्रिय हो गया। वायरल करने वाले प्राथमिक विद्यालय के दो शिक्षकों को हिरासत में ले लिया गया। जबकि एक अन्य आरोपित इंटर कालेज का प्रधानाचार्य फरार हो गया। परिषद कार्यालय से मिलान करने पर एक्स-वाई सीरीज का प्रश्नपत्र वायरल हुए हल से मिलान खा गया। इसके बाद जिले के 69 परीक्षा केंद्रों पर हुई परीक्षा को निरस्त कर दिया गया। पेपर आउट होने की बात पुष्ट होते ही हिरासत में लिए गए प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय भटौली वैश्य प्रिंस कुमार जैसवारा निवासी डेराघाट घोसी व सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय भटमिला ओमप्रकाश यादव निवासी चांदमारी इमिलिया सरायलखंसी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। अब पेपर आउट करने वाले की तलाश होने लगी। जांच में कृष्णा इंटर कालेज के प्रबंधक तेजबहादुर यादव निवासी ताजपुर उस्मानपुर पिपरीडीह का नाम सामने आया। जांच टीम विद्यालय जा पहुंची। वहां जांच के दौरान पूरा मामला ही समझ में आ गया। 19 फरवरी को पूरे दिन विद्यालय का सीसीटीवी बंद कर इस काम को अंजाम दिया गया। पुलिस ने प्रबंधक को भी गिरफतार कर लिया है।

स्टेटिक मजिस्ट्रेट व केंद्र व्यवस्थापक की भूमिका भी संदिग्ध

सवाल यह उठता है कि जब पूरे दिन विद्यालय के सीसीटीवी कैमरे बंद रहें और एक भी फुटेज रिकार्ड न हो तो फिर ऐसी दशा में विद्यालय पर तैनात स्टेटिक मजिस्ट्रेट व केंद्र व्यवस्थापक क्या कर रहे थे। उनकी जिम्मेदारी है कि वे परीक्षा के दौरान पल-पल नजर रखें और शुचित बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाएं। ऐसे में प्रशासन ने अभी उनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं की है, इससे कई सवाल उठ खड़े होते हैं।

पूरे मामले की पड़ताल गहराई से की जा रही है

पूरे मामले की पड़ताल गहराई से की जा रही है। पुलिस जांच टीम की हर बिंदु पर नजर है। एक-एक सूत्र को तलाशा जा रहा है। इस प्रकरण में स्टेटिक मजिस्ट्रेट व केंद्र व्यवस्थापक भी जांच के दायरे में हैं, उनकी भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता। प्रत्येक संदिग्ध की जांच की जा रही है।

-अनुराग आर्य, पुलिस अधीक्षक, मऊ।

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