चंदौली, जेएनएन। चंधासी कोयला मंडी पर सीबीआइ का शिकंजा कसता ही जा रहा है। दिल्ली की टीम कारोबारियों के खातों से हुए भुगतान का ब्यौरा निकाल रही। टीम यह जानकारी कर रही है कि बाहर से आने वाले कोयले की बिक्री के बाद पैसा किन किन खातों में भेजा जाता है। रोजाना मंडी में कितने ट्रक आ रहे हैं, इसका भी आकलन होने लगा है। इसकी भी जांच हो रही है कि रानीगंज व आसनसोल से कोल मंडी में आए कोयले का कहां इस्तेमाल हो रहा है। उधर चर्चा है कि फैक्ट्रियां के नाम पर कोयला मंगाकर विभन्न जगहों पर डंप किया जाता है। कोयले के अवैध खेल में कइयों के चेहरे सामने आएंगे। 

लखनऊ कस्टम व कोलकाता सीबीआइ की टीम के चंधासी कोल मंडी में धमकने के बाद से लेकर अब तक मंडी चर्चाओं में है। पांच दिन से सीबीआइ मंडी में जांच कर रही है। रोजाना कुछ न कुछ सुराग टीम के हाथ लग रहा।  अभी तक दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही थी और  पांच दिन से टीम ट्रकों की गिनती कर रही। इसके साथ ही कारोबारियों व उनके संबंधितों के खातों का विवरण निकाल रही है। 

आसनसोल के लाला से जुडऩे लगे कारोबारियों के तार 

कोयला तस्करी कांड के मास्टर माइंड आसनसोल के लाला से स्थानीय कारोबारियों के तार जुडऩे के संकते मिल रहे हैं। आसनसोल से ही देश की विभिन्न कोल मंडी में कोयला पहुंचता है। आकलन यह है कि आसनसोल से रोजाना विभिन्न मंडियों में लगभत तीन करोड़ का कोयला भेजा जाता है। सीबीआइ ने जांच शुरू की तो मामला सामने आ रहा।

कल कारखानों के लिए आने वाला कोयला हो रहा डंप

आसनसोन व रानीगंज से कल कारखानों के नाम पर कोयला मंगाया जाता है लेकिन मंडी में कालाबाजारी हो रही है। विभिन्न जगहों पर कोयला डंप किया जा रहा है। रामनगर में भी कोयला डंप किया जाता है। इससे प्रदूषण बढ़ रहा है। आसपास के लोग यहां से कोयले को हटाने की शिकायत लोग कर चुके हैं। आरोप है कि डंप किए जा रहे स्थान के आसपास के घरों पर धूल जमने लगी है। लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है।