वाराणसी (जागरण संवाददाता)। बीएचयू स्थित सर सुंदरलाल अस्पताल में आपरेशन के बाद मरीज की मौत के मामले में बुधवार को लंका थाने में एक और गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मो. आरिफ का आरोप है कि उन्होंने अपने साले मेराज अहमद को गत 28 मई को पथरी के आपरेशन के लिए अस्पताल के यूरोलाजी विभाग में भर्ती कराया था जहां डा. यूएस द्विवेदी के अंडर में उपचार चल रहा था।

दो जून को आपरेशन की तारीख नियत की गई थी लेकिन टालमटोल कर उसे बढ़ा कर छह जून को कर दिया गया। छह जून को भी अधिक व्यस्तता की बात कहकर आपरेशन को एक दिन और बढ़ा दिया गया। गत सात जून को किडनी में पथरी का आपरेशन किया गया। आपरेशन के दो घंटे बाद ही मेराज अहमद अंसारी की मृत्यु हो गई।

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आरोप है कि मरीज की मौत डा. यूएस द्विवेदी, डा. समीर द्विवेदी, डा. पी रंजन व डीवी श्रीवास्तव की घोर लापरवाही, अनियमितता व चिकित्सकीय उपकरण की खराबी के कारण हुई। साजिशन शव का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया गया बल्कि शव को अस्पताल से बाहर ले जाने को मजबूर किया गया।

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Posted By: amal chowdhury

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