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वाराणसी में मदरसा जामिया इस्लामिया, मदनपुरा के प्रबंधक बेलाल अहमद के खिलाफ मुकदमा दर्ज

By Pradyuman Pandey RamuEdited By: Abhishek sharma
Published: Fri, 11 Sep 2026 03:38 PM (IST)

वाराणसी में मदरसा जामिया इस्लामिया के प्रबंधक बेलाल अहमद के खिलाफ वित्तीय अनियमितता के आरोप में FIR दर्ज की गई ...और पढ़ें

वाराणसी में मदरसा प्रबंधक बेलाल अहमद पर वित्तीय अनियमितता का मुकदमा दर्ज।

वाराणसी में मदरसा प्रबंधक बेलाल अहमद पर वित्तीय अनियमितता का मुकदमा दर्ज।

HighLights

  1. मदरसा जामिया इस्लामिया प्रबंधक बेलाल अहमद के खिलाफ FIR.

  2. वित्तीय अनियमितता, नियमों का उल्लंघन कर पदोन्नति का आरोप.

  3. पुरानी पेंशन योजना से सरकारी धन के अपव्यय का मामला.

जागरण संवाददाता, वाराणसी। मदरसा जामिया इस्लामिया, मदनपुरा के प्रबंधक बेलाल अहमद के खिलाफ वित्तीय अनियमितता के आरोप में दशाश्वमेध थाने में FIR दर्ज की गई है। यह कार्रवाई जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी की तहरीर पर की गई है। आरोप है कि प्रबंधक ने नियमों का उल्लंघन करते हुए लिपिक अब्दुल कलीम सिद्दीकी को 02.02.2011 को कार्यमुक्त कर सहायक अध्यापक फौकानिया के पद पर पदोन्नति दी।

इसके साथ ही उन्हें पुरानी पेंशन योजना (OPS) से आच्छादित कर जीपीएफ कटौती कराई गई, जिससे शासकीय धन का अपव्यय हुआ। यह मामला घोर वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। यह मामला हाईकोर्ट इलाहाबाद में दाखिल होने के बाद शासन के संज्ञान में आया। विशेष सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण, लखनऊ के पत्र के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है।

बेलाल अहमद के खिलाफ की गई यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि सरकारी धन के दुरुपयोग के मामलों में प्रशासन गंभीर है। मदरसों में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। इस मामले में आगे की जांच की जाएगी और यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो प्रबंधक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।

इस घटना ने वाराणसी में शिक्षा संस्थानों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जिम्मेदारी की आवश्यकता को उजागर किया है। मदरसों में वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में प्रशासन की सख्ती से यह संदेश जाता है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस मामले में आगे की कार्रवाई और जांच की प्रक्रिया पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। यह देखना होगा कि क्या बेलाल अहमद अपने ऊपर लगे आरोपों का सामना कर पाएंगे या उन्हें न्यायालय में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी पड़ेगी।