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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 06, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अजय राय का शस्त्र लाइसेंस निरस्त करना भाजपा सरकार की बदले की कार्रवाई : अजय कुमार लल्लू

By Abhishek SharmaEdited By:
Published: Tue, 06 Apr 2021 03:57 PM (IST)

उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पांच बार विधानसभा के सदस्य ...और पढ़ें

अजय राय की तत्काल सुरक्षा बहाल करते हुए उनके निजी शस्त्र लाइसेंस बहाल करने की मांग की गई है।
अजय राय की तत्काल सुरक्षा बहाल करते हुए उनके निजी शस्त्र लाइसेंस बहाल करने की मांग की गई है।

वाराणसी, जेएनएन। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पांच बार विधानसभा के सदस्य रहे अजय राय की व्यक्तिगत सुरक्षा, निजी शस्त्र लाइसेंस को निरस्त करना योगी सरकार की कांग्रेस पार्टी के नेताओं प्रति विद्वेषपूर्ण वैमनस्यता और बदले की कार्यवाही से प्रेरित है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू  ने प्रदेश के राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अजय राय की सुरक्षा को लेकर चिन्ता व्यक्त करते हुए सुरक्षा व्यवस्था हटाने एवं शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने पर गंभीर सवाल उठाये हैं तथा अविलम्ब सुरक्षा व्यवस्था बहाल किये जाने एवं शस्त्र लाइसेंस पुनः जारी किये जाने की मांग की है।

उप्र कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि योगी सरकार द्वारा कांग्रेस की आवाज को येन-केन-प्रकारेण दबाना चाहती है। जनप्रतिनिधि रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय राय की सुरक्षा एवं व्यक्तिगत शस्त्र लाइसेंस निरस्त करना इसका जीता-जागता उदाहरण है। आज पूरे प्रदेश में कांग्रेस की आवाज को बलपूर्वक दबाया जा रहा है और लोकतंत्र की हत्या की जा रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने जघन्य अपराधों जैसे हत्या आदि के मामलों में गवाहों की सुरक्षा को लेकर वर्ष 2018 के गवाह संरक्षण योजना का खुला उल्लंघन योगी सरकार कर रही है।

अजय राय अपने भाई की हत्या के मामले में चश्मदीद गवाह हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा हटाना और उनके निजी शस्त्र लाइसेंस निरस्त करना मा0 उच्चतम न्यायालय के उक्त निर्देश की अवहेलना है। यह भी उल्लेखनीय है कि अजय राय को प्रदेश सरकार ने दस प्रतिशत निजी व्यय पर सुरक्षा उपलब्ध कराई थी।

अजय कुमार लल्लू ने कहा कि पुलिस उपाधीक्षक, प्रज्ञान वाराणसी नेे पत्र 31 मार्च 2021 को पत्र लिखकर वाराणसी पुलिस को आख्या भेजी कि श्री अजय राय को सुरक्षा की कोई आवश्यकता नहीं है। इसी आधार पर इसी माह अप्रैल 2021 में पुलिस उपायुक्त वाराणसी ने स्पेशल जज एमपी/एमएलए इलाहाबाद को पत्र के माध्यम से  अजय राय की सुरक्षा हटाये जाने की सूचना देते हुए अजय राय को सिर्फ जिन मुकदमों में वह साक्षी हैं वाराणसी से न्यायालय तक आने-जाने तक ही सुरक्षा देने का निर्णय लिया है जो पूरी तरह योगी सरकार के इशारे पर किसी भी राजनीतिक दल के जनप्रतिनिधि की जानमाल के साथ खिलवाड़ है। यह स्पष्ट रूप से राजनीतिक विद्वेष एवं बदले की भावना से भाजपा सरकार द्वारा की जा रही कार्रवाइयों का उदाहरण है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि अजय राय विगत दो लोकसभा चुनावों में वाराणसी संसदीय क्षेत्र से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं तथा योगी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सोशल मीडिया व आन्दोलनों के माध्यम से सरकार को घेरते रहते हैं यही कारण है कि सरकार द्वारा राजनीतिक विद्वेष के तहत श्री अजय राय पर बदले की भावना से कार्यवाही की गयी है। यह लोकतंत्र में कतई उचित नहीं है। अजय कुमार लल्लू ने मांग की है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक अजय राय की तत्काल सुरक्षा बहाल करते हुए उनके निजी शस्त्र लाइसेंस पुनः बहाल किये जाएं।