वाराणसी, जेएनएन। एक दिन में एक पावरलूम से पांच साड़ी तैयार हो जाती थी। हमारे घर में चार मशीनें है। जब यह चलती थी तो कारोबर चलता था। बाढ़ का पानी भरा तो अरमान पर भी पानी फिर गया है। हम लोगों का घर चलाना मुश्किल हो गया है। श्रमिक भी बेरोजगार हो गए हैं। कुछ ऐसी ही समस्याएं शक्कर तालाब तीन पुलवा क्षेत्र के बुनकरों ने गिनाई। इनके घर में भी पानी घुस जाने से उनपर आर्थिक संकट मंडराने लगा है। गंगा में बढ़ाव के कारण वरुणा किनारे सबसे निचले हिस्सों में बने घरों में भी पानी भर गया है।

बाढ़ के कारण इलाके के मो. शाहिद, मेहंदी हसन, मो. सकीन, एजाज अहमद, बल्लू के घरों में स्थापित पावरलूम में भी पानी भर गया है। इसके कारण इसका मुख्य कनेक्शन काट दिया गया है। ताकि कोई घटना नहीं हो। हालांकि इसके बंद होने से अब इन लोगों के सामने घर के खर्च चलाने की भी समस्या आ गई है। हां, जिनके पास अन्य रोजगार या काम है तो उनको कोई खास फर्क नहीं पड़ रहा है। बताया कि एक मशीन मशीन को चलाने में दो श्रमिक लगते हैं। अब तो वह भी बेरोजगार हो गए हैं।

बाढ़ में बह गया शादी में मिला सामान : बाढ़ पीड़ितों की स्थिति बहुत ही दयनीय हो गए हैं। कोई अपना तो कोई किराए का घर छोड़कर राहत शिविर या खुद के लगाए टेंट में रहने को मजबूर है। शक्कर तालाब स्थित ईदगाह में टेंट लगा कर रह रहे बाढ़ प्रभावित मुमताज ने बताया कि वह परिवार के साथ किराए पर रहते थे। अभी दो सप्ताह पहले ही बेटे की शादी की थी। अब सारा सामान पानी में बह गया है।

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