चंदौली, जेएनएन। पत्नी से अवैध संबंध होने के शक पर क्षेत्र के धूरीकोट गांव निवासी शातिर अपराधी मुकेश यादव ने बड़े भाई की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद वह अपने साथी 50 हजार के इनामी बदमाश आशुतोष यादव के साथ बाइक से फरार हो गया। गुरुवार को मुठभेड़ में आशुतोष के पकड़े जाने के बाद दो माह पूर्व धूरीकोट में हुई हत्या का रहस्य उजागर हुआ। मुकेश के खिलाफ धानापुर आैर सदर कोतवाली में हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज है। पुलिस को काफी दिनों से उसकी तलाश थी। कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार की भोर में धूरीकोट मोड़ के समीप मुकेश को गिरफ्तार किया। वारदात की बाबत एसपी हेमंत कुटियाल ने पुलिस लाइन में गिरफ्तारी व बरामदगी की जानकारी दी।

शातिर अपराधी ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि पिछले दिनों हत्या के आरोप में 2017 से जेल में बंद था। जनवरी 2020 में जेल से छूटकर वापस आया तो बड़े भाई का उसकी पत्नी के साथ अवैध संबंध होने की जानकारी मिली। उसने दोनों को रंगेहाथ पकड़ लिया था। तभी से भाई को ठिकाने लगाने की कोशिश में जुटा था। जेल में रहने के दौरान इनामी अपराधी आशुतोष यादव से उसकी दोस्ती हो गई थी। आशुतोष व रामानंद के साथ मिलकर भाई की हत्या की साजिश रची। 28 मई की रात किसी काम का बहाना बनाकर भाई को बसिला गांव के सिवान में बुलाया। शराब पीने के दौरान मुकेश ने पिस्टल से भाई के सिर में गोली मार दी। इसके बाद आशुतोष यादव के साथ बाइक पर बैठकर फरार हो गया।

पुलिस ने 29 अक्टूबर की रात कुरहना गांव के समीप मुठभेड़ में आशुतोष को गिरफ्तार कर लिया। उसने धूरीकोट के युवक की हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार की। साथ ही मुकेश की संलिप्तता के बारे में भी पुलिस को बताया। पुलिस सर्विलांस समेत अन्य स्रोतों से आरोपित का सुराग लगाने में जुटी थी। इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि वह धूरीकोट गांव आने वाला है। सदर कोतवाल अशोक मिश्र ने हमराहियों के साथ धूरीकोट मोड़ के समीप पहुंचकर घेरेबंदी कर ली। थोड़ी देर में युवक आता दिखा। पुलिसकर्मियों ने दौड़ाकर धर-दबोचा। तलाशी लेने पर नाइन एमएम की पिस्टल व 10 जिंदा कारतूस बरामद हुए।