बीएचयू की ज्योतिष ओपीडी होगी डिजिटल, छह दिन ऑनलाइन ले सकेंगे ज्योतिषाचार्यों से परामर्श, बार कोड से होगा पेमेंट
काशी हिंदू विश्वविद्यालय का ज्योतिष विभाग अपनी ओपीडी को डिजिटाइज कर रहा है, जिससे एक ऐप के जरिए ऑनलाइन परामर्श ...और पढ़ें

बीएचयू की ज्योतिष ओपीडी हुई डिजिटल, अब घर बैठे ऑनलाइन पाएं विशेषज्ञ परामर्श और जानें तय शुल्क। (AI Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के ज्योतिष विभाग में चलने वाली ज्योतिष ओपीडी अब तकनीक के साथ आधुनिक होने जा रही है। इस ओपीडी को पूरी तरह से डिजिटाइज्ड किया जाएगा। इसके लिए विभाग एक एप तैयार कर रहा है, जिसमें विभाग की सभी जानकारियां और ज्योतिषाचार्यों के शेड्यूल शामिल होंगे।
एप में यह भी बताया जाएगा कि कौन ज्योतिषाचार्य किस क्षेत्र के विशेषज्ञ हैं। लोग अपनी समस्याओं और उनके समाधान के लिए ओपीडी से ऑनलाइन शुल्क जमा कर अपने मनपसंद ज्योतिषी से मुलाकात का समय तय कर सकेंगे। ज्योतिषीय और वास्तु संबंधी परामर्शों को अलग-अलग वर्गीकृत करते हुए उनका शुल्क भी निर्धारित किया गया है।
इसका उद्देश्य सामान्य जन को अत्यंत कम शुल्क दर पर ज्योतिषीय समस्याओं का समाधान प्रदान करते हुए ज्योतिष विज्ञान को लोकप्रिय बनाना है। इस नई व्यवस्था के तहत, मुहूर्त के परामर्श का शुल्क 100 रुपये और कर्मकांड का परामर्श 250 रुपये रखा गया है। इसमें जन्म कुंडली, विवाह मिलान, रत्न धारण, माटी में सुधार सहित कई विषयों पर जानकारी दी जाएगी।
इसके साथ ही, आपके वर्तमान और भविष्य के ग्रहों के असर और उनसे संबंधित उपायों की जानकारी भी उपलब्ध होगी। पूरे परामर्श में न्यूनतम शुल्क 100 रुपये और बाहर जाने के लिए अधिकतम 21 हजार रुपये निर्धारित किए गए हैं। इस पहल से न केवल ज्योतिष विभाग की सेवाओं में सुधार होगा, बल्कि यह आम जनता के लिए भी ज्योतिष विज्ञान को सुलभ बनाएगा।
डिजिटाइजेशन के माध्यम से लोग अपने समय और स्थान के अनुसार ज्योतिषाचार्यों से संपर्क कर सकेंगे, जिससे उन्हें बेहतर सुविधा मिलेगी।इस प्रकार, बीएचयू का ज्योतिष विभाग तकनीकी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है, जो न केवल छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए बल्कि आम जनता के लिए भी फायदेमंद साबित होगा। यह कदम न केवल ज्योतिष विज्ञान को आधुनिकता की ओर ले जाएगा, बल्कि इसे एक नई पहचान भी देगा।
इस नई व्यवस्था के माध्यम से, बीएचयू का ज्योतिष विभाग अपने ज्ञान और विशेषज्ञता को और अधिक लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। यह निश्चित रूप से एक सकारात्मक बदलाव है, जो भविष्य में ज्योतिष विज्ञान के प्रति लोगों की रुचि को बढ़ाएगा। बीएचयू की ज्योतिष ओपीडी का डिजिटाइजेशन एक महत्वपूर्ण पहल है, जो न केवल तकनीकी दृष्टिकोण से बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।
100 रुपये से शुरू होगा परामर्श
ओपीडी की सेवाओं का शुल्क सामान्यजन की पहुंच में रखा गया है। मुहूर्त के लिए 100 रुपये, रत्न धारण और कर्मकांड परामर्श के लिए 250-250 रुपये तथा जन्म व वर्ष कुंडली से भविष्य संबंधी परामर्श के लिए 500 रुपये निर्धारित हैं। मिट्टी संशोधन के लिए 1000 और ज्योतिषाचार्य से वास्तु मानचित्र संशोधन के लिए 11 हजार रुपये शुल्क है। प्रोफेसर ज्योतिषाचार्य को जिले से बाहर ले जाकर परामर्श लेने का शुल्क 21 हजार रुपये है। इसमें 50 प्रतिशत दक्षिणा शामिल है, जबकि वाहन व्यय अलग से देना होगा।
बार कोड से भी भुगतान
शुल्क आनलाइन जमा करने के साथ ओपीडी में लगे बार कोड को स्कैन कर भुगतान की सुविधा भी होगी। विभागाध्यक्ष एवं ज्योतिष परामर्श केंद्र के समन्वयक प्रो. शत्रुघ्न त्रिपाठी के अनुसार विशेषज्ञ सेवाओं के विभाजन से व्यक्ति अपनी समस्या के अनुरूप सीधे संबंधित ज्योतिषाचार्य से परामर्श ले सकेगा। फालोअप के लिए एक माह के भीतर दोबारा आने पर अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। विभाग का उद्देश्य कम शुल्क में विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध कराने के साथ ज्योतिष विज्ञान की सेवाओं को अधिक व्यवस्थित और आमजन के लिए सुलभ बनाना है।
छह दिन शाम चार से पांच बजे तक ओपीडी
नई व्यवस्था में सात ज्योतिषाचार्यों के लिए सप्ताह में छह दिन का शेड्यूल तैयार किया गया है। फिलहाल प्रतिदिन शाम 3:30 बजे से पंजीकरण आरंभ होता है और चार से पांच बजे तक ओपीडी चलती है। प्रतिदिन सीमित संख्या में लोगों को परामर्श दिया जा रहा है।
दिन विशेषज्ञ आचार्य
- सोमवार - प्रो. गिरजाशंकर शास्त्री
- मंगलवार - प्रो. विनय कुमार पांडेय व डा. रामेश्वर शर्मा
- बुधवार - प्रो. रामजीवन मिश्र
- गुरुवार - प्रो. शत्रुघ्न त्रिपाठी व डा. रामेश्वर शर्मा
- शुक्रवार - डा. सुभाष पांडेय
- शनिवार - डा. सुशील गुप्ता
